2008 के ड्रॉ में सफल रहे करीब 4 हजार कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर है कि प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी ने उनकी हाउसिंग स्कीम मंजूर कर ली है।
यह स्कीम पिछले प्रशासक शिवराज पाटिल ने खारिज कर दी थी। गवर्नर हाउस में प्रशासक ने वीरवार को शाम इस फाइल पर हस्ताक्षर किए। अब अंतिम मंजूरी के लिए फाइल गृह मंत्रालय भेजी जा रही है। गृह मंत्रालय की मोहर के बाद फ्लैट्स के लिए प्रशासन जमीन अलॉट कर देगा। मंजूर स्कीम में फाइनल किया है कि प्रशासन हाउसिंग बोर्ड को पुराने रेट पर ही जमीन मुहैया कराएगा। लेकिन 2008 से लेकर अब तक उस जमीन की कीमत पर साढ़े 12 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज लिया जाएगा।
ऐसे में कर्मचारियों के फ्लैट की कीमत दोगुनी हो जाएगी। 2007 में इस स्कीम के लिए प्रशासन ने साढ़े 4 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से जमीन देने की बात की थी। सभी सफल कर्मचारियों के फ्लैट्स के लिए 70 एकड़ जमीन की जरूरत है। मालूम हो कि इस स्कीम में सफल रहे कर्मचारियों की 70-70 हजार रुपये की राशि अब भी बोर्ड के पास जमा है।
इंप्लाइज हाउसिंग के तहत प्रशासन के पास कर्मचारियों के 50 करोड़ से अधिक रुपये जमा हैं। पिछले आठ साल से इस स्कीम को सिरे चढ़ाने के लिए हाउसिंग इंप्लाइज सोसाइटी संघर्ष कर रही है। केंद्र सरकार ने भी जो मास्टर प्लान को मंजूरी दी है, उसमें हाउसिंग स्कीम के लिए सेक्टर-52, 53 और 56 में जमीन रखी गई है।
वन-टू-थ्री बैडरूम की योजना की थी लांच
हाउसिंग बोर्ड को अगर बाजार की कीमत पर जमीन मिलती है तो इंप्लाइज हाउसिंग के हर फ्लैट की कीमत दोगुनी होगी। प्रशासन ने एक बेडरूम के फ्लैट से लेकर तीन बेडरूम के फ्लैट इस स्कीम के तहत लांच किए थे। एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 13 से 15 लाख रुपये रखी गई थी। लेकिन अब यह फ्लैट 30 लाख रुपये से कम नहीं होगा। इसी प्रकार दो बेडरूम का फ्लैट भी 45 से 50 लाख रुपये के बीच ही मिल सकता है।
राजनाथ के निर्देश पर मिली मंजूरी
प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी ने शुक्रवार शाम को बैठक बुलाई। जिसमें पदाधिकारियों ने प्रशासक और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का आभार व्यक्त किया। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि इस स्कीम के लिए उनकी गृह मंत्री राजनाथ से पहले ही बात चुकी है। उनके निर्देश पर ही प्रशासन ने स्कीम को मंजूर किया।
अब गृह मंत्रालय इसकी अंतिम मंजूरी जल्द दे देगा। मालूम हो कि प्रशासन ने 2008 में 3930 कर्मचारियों को फ्लैट देने के लिए ड्रॉ निकाला था। इसके लिए 7827 कर्मचारियों ने आवेदन किया था। हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह का कहना है कि कर्मचारियों को फ्लैट्स के निर्माण का इंतजार है।