फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा: 16 में से 13 एजेंडों पर लगी मुहर, कई विवाद की भेंट चढ़े

Fri, 26 Jul 2024 02:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भाजपा नेता कंवरजीत ने कहा कि अगर हमारी बात नहीं सुननी तो हमें सदन में बुलाया ही न जाए। उन्होंने मेयर से कहा कि अब हमारी जान को खतरा है यहां, क्या हमें मार कर ही मानेंगे। वहीं मेयर चुनाव में हुई गड़बड़ी को लेकर मेयर ने भी भाजपा पर निशाना साधा।  
विज्ञापन
सदन में अपनी मांग रखते पार्षद जसबीर बंटी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ नगर निगम की 337वीं सदन की बैठक शुरू होते ही हंगामा हो गया। हालांकि बाद में 16 एजेंडों पर चर्चा की गई। इसमें पक्ष-विपक्ष की दलीलों को सुनने के बाद 13 को हरी झंडी दी गई। जबकि नाइट फूड स्ट्रीट, शामलात भूमि और टैक्सी स्टैंड के एजेंडों को सदन की अलगी बैठक में संशोधन कर पेश करने पर सहमति बनी। वहीं शहर के अगल-अलग सेक्टरों में सफाई और सौन्दयीकरण के एजेंडों पर पक्ष-विपक्ष दोनों ने मिलकर सहमति जताई। जबकि सफाई के मामले से जुड़े सप्लीमेंट्री एजेंडे पर लायंस कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गई।

विज्ञापन


इस दौरान कोविड खत्म होने के बाद भी वर्चुअल मीटिंग से जुड़ने के मामले पर भी जोरदार बहस हुई। भाजपा पार्षदों ने किसी का नाम लिए बिना बताया कि तीन बार लगातार बैठक में नहीं आने पर पार्षद की सदस्यता रद होने का प्रावधान है। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।


विज्ञापन


हंगामे के दौरान भाजपा नेता कंवरजीत ने कहा कि अगर हमारी बात नहीं सुननी तो हमें सदन में बुलाया ही न जाए। उन्होंने मेयर से कहा कि अब हमारी जान को खतरा है यहां, क्या हमें मार कर ही मानेंगे। वहीं मेयर चुनाव में हुई गड़बड़ी को लेकर मेयर ने भी भाजपा पर निशाना साधा। वहीं आप नेताओं ने गली क्रिकेट में मेयर और सांसद को न बुलाने पर विरोध जताया। वहीं कांग्रेस पार्षद जसबीर सिंह अपने वार्ड में विकास कार्य न होने पर सदन में जमीन पर बैठ गए। इसके बाद उनके समर्थन में भाजपा पार्षद भी उनके साथ जमीन पर बैठ गए। भाजपा नेताओं ने कहा कि जनता के लिए वो सबके साथ हैं क्या पक्ष या विपक्ष।

अनिल मसीह के सवाल पूछने पर विपक्ष ने मेयर चुनाव का मुद्दा उठाया और हंगामा कर दिया। इस पर मेयर ने कोर्ट के मामले को सदन में न उठाने की अपील की। वहीं मसीह ने कहा कि बार-बार पिछली घटना को यहां न उठाया जाए।
विज्ञापन


हंगामे के बाद बैठक को दोबारा शुरू किया गया तो नाइट फूड स्ट्रीट के एजेंडे में पाई गई कमी को मौके पर संशोधित कर पास करने की मांग की गई। जिसपर कमिश्नर अनंदिता मित्रा ने ऐसा करना संभव न होने की बात कह इसे स्थगित करने का अनुरोध किया। जिसके बाद नाइट फूड स्ट्रीट के लिए क्योस्क को आवंटन और नियम शर्तें तय करने का प्रस्ताव भी स्थगित हो गया। कमेटी ने नाइट फूड स्ट्रीट को लेकर जो नियम व शर्तें तय की हैं उस पर कमिश्नर ने कई सवाल उठाते हुए संशोधन की बात कही। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सभी संशोधन के साथ इसे लाया जाएगा। इस पर सदन ने सहमति दे दी।
 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें