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गांव में मकान व दुकान का अलग होगा पानी का मीटर

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चंडीगढ़। नगर में शामिल हुए गांवों के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब लोग दुकान और मकान में अलग-अलग मीटर लगवा सकेंगे। इससे पानी के बिल में लोगों का काफी हद तक रियायत मिल सकेगी। साथ ही मीटर के अनुसार ही पानी का बिल आएगा। गांववासी काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे।
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अब तक गांव के जिन घरों में दुकान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं, उन घरों को नगर निगम व्यावसायिक वर्ग में रखकर उसके मुताबिक ही बिल भेज रहा था जबकि लोगों का कहना था कि एक छोटी सी दुकान होने पर भी उन्हें पूरे घर का व्यवसायिक बिल देना पड़ता है, यह सही नहीं है। लोगों की मांग थी कि घर और दुकान के लिए निगम अलग-अलग मीटर लगाए लेकिन निगम का कहना था कि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
बाद में सदन में एजेंडा लाया गया और घर और दुकान के लिए अलग-अलग मीटर लगाने के प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दे दी। इसके बाद उसे प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के पास भेजा गया। जहां से अब ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी हो गई है। अब नगर निगम 15 दिन में आपत्ति और सुझाव लेकर अंतिम नोटिफिकेशन जारी कर देगा, जिसके बाद गांवों में मकान व दुकान के लिए अलग-अलग मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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लाल डोरा के बाहर भी राहत देने की योजना
उधर, निगम ने लाल डोरा के बाहर के लोगों को भी पानी के वैध कनेक्शन देने योजना बना ली है। लोगों को शर्तों के साथ पानी का वैध कनेक्शन दे दिया जाएगा। इससे एक ओर निगम का राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।
आगामी निगम चुनाव की तैयारी
इस वर्ष होने वाले नगर निगम चुनाव को देखते हुए लोगों को रिझाने की पूरी तैयारी है। 23 गांवों के नगर निगम में शामिल होने से वार्ड 25 से बढ़कर 34 हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से अच्छा खासा वोट मिलना है। ऐसे में सत्ता पक्ष अपने-अपने वार्ड में आने वाले गांवों की समस्याओं को निपटाने में लगा है ताकि जब वोट के लिए जाएं तो विकास के नाम पर कुछ बताने को हो।
अतिक्रमण को वैध कराने के लिए भी लाया गया था एजेंडा
इससे पहले सदन में तय मानक से ज्यादा निर्माण कार्य कराने वाले लोगों को रियायत देने का भी एजेंडा लाया गया था। इसमें तय मानक से ज्यादा निर्माण कार्य को वैध करने को कहा गया था। मकानों की ऊंचाई को बढ़ाकर लोगों को रियायत देने का भी पार्षदों ने एजेंडा बनाया था। इसमें सदन ने एक कमेटी बना दी थी। अभी कमेटी की रिपोर्ट नहीं आई है।
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