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चंडीगढ़ में 35 प्रतिशत होटल व रेस्तरां खुले, ग्राहकों के इंतजार में कटा दिन, शॉपिंग मॉल्स में नहीं पहुंचे लोग

Mon, 08 Jun 2020 11:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी प्रशासन के निर्देश पर सोमवार से चंडीगढ़ में होटल और रेस्तरां खुल गए। एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) की गाइडलाइन का पालन करके शहर में 35 फीसदी ही होटल और रेस्तरां पहले दिन खुल पाए। वहीं 65 प्रतिशत होटल और रेस्तरां खोलने के पहले एसओपी के अनुरूप तैयारियों में जुटे रहे। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि एक सप्ताह के बाद ही नफा-नुकसान का अनुमान लगाया जा सकेगा।

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जानकारी के अनुसार ढाई महीने से चंडीगढ़ के लगभग 250 होटल और रेस्तरां बंद हैं। इससे होटल और रेस्तरां उद्योग को लगभग 450 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र की ओर से जारी एसओपी से होटल की कार्यप्रणाली पूरी तरह से कांटैक्टलेस हो जाएगी। होटल में ठहरने वाले मेहमान को मोबाइल पर ही गेस्ट फार्म भरना होगा। साथ ही विजिटर रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बजाय बुकिंग के दौरान पंजीकृत किए गए मोबाइल नंबर को ही मान्य किया जाएगा। इस कार्यप्रणाली को आसान करने के लिए होटल संचालक मोबाइल एप बना रहे हैं।

ग्राहकों के इंतजार में कटा दिन   
पहले दिन जो भी होटल और रेस्तरां खुले, उनके संचालक ग्राहकों का इंतजार ही करते रहे। कुछ होटलों में ही इक्का-दुक्का ग्राहक ही पहुंचे। हालांकि देर शाम ग्राहकों की आमद में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। संचालकों ने बताया कि एक सप्ताह का समय होटल उद्योग को पटरी पर आने में लगेगा।
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संक्रमण को हराने के लिए एसओपी के अनुसार ही कार्ययोजना बनाकर संस्थान खोले जा रहे हैं। गाइडलाइन के अनुरुप अभी लगभग एक सप्ताह का समय संस्थानों को खोलने में लगेगा। उसके बाद ही उद्योग पटरी पर आ पाएगा। -अंकित गुप्ता, अध्यक्ष, चंडीगढ़ हॉस्पिटेलिटी एसोसिएशन

थोड़ा वक्त लगेगा। पहले दिन से हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि होटल उद्योग को कितना फायदा या नुकसान हुआ है लेकिन हां यह जरूर है कि एक सप्ताह में इसके परिणाम सामने आने शुरू हो जाएंगे। -मनमोहन सिंह, चेयरमैन, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, चंडीगढ़

पहले दिन शॉपिंग मॉल्स में नहीं पहुंचे लोग

लॉकडाउन के दौरान करीब ढाई महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार को कड़े नियम व शर्तों के साथ शहर के सभी शॉपिंग मॉल्स खुल गए। हालांकि पहले दिन बहुत कम संख्या में लोग शॉपिंग मॉल्स पहुंचे। शॉपिंग मॉल संचालकों को सैनिटाइजर, मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग के साथ फिजिकल डिस्टेंसिग का पूरा ध्यान रखने के लिए कहा गया है। सोमवार को शहर के एलांते मॉल, सेंट्रा मॉल समेत सभी मॉल्स खुल तो गए लेकिन ग्राहक खरीददारी को नहीं पहुंचे। 

कई शोरूम पहले दिन बंद रहे, जो खुले वह पूरे दिन ग्राहकों का इंतजार करते रहे। पहले दिन जो लोग मॉल में शॉपिंग करने पहुंचे, उन्हें व्यवस्थाएं पहले से बिल्कुल बदली हुईं मिलीं। एलांते मॉल में जहां पहले सिक्योरिटी चेकिंग के बाद एंट्री होती थी वह अब थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। एलांते मॉल में सिक्योरिटी चेक से 50 मीटर पहले लोगों ने पहले हाथ को सैनिटाइज किया। 

इसके बाद थर्मल स्कैनिंग हुई। जिन लोगों के शरीर का तापमान ज्यादा मिला, उन्हें मॉल में एंट्री नहीं दी गई। इसके बाद दूसरे चरण में यह चेक किया गया कि उनके मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड है या नहीं। तीसरे चरण में सिक्योरिटी चेक हुई। मॉल के अंदर भी सिक्योरिटी गार्ड दिखाई दिए, जो लोगों को एक जगह एकत्रित होने पर रोक रहे थे। पहले दिन मॉल में ज्यादातर रेस्टोरेंट और इटिंग प्वाइंट्स बंद पड़े रहे। इनमें से कुछ शोरूम मालिकों ने मॉल के साथ रेंट पर हुए विवाद के कारण अपने शोरूम नहीं खोले तो कुछ तैयारियों में लगे रहे।   

थियेटर, गेमिंग जोन अभी रहेंगे बंद 
सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही मॉल में लोग शॉपिंग करने एवं फूड कोर्ट में खाने-पीने के लिए आ पाएंगे लेकिन अभी बड़े पर्दे पर फिल्म देखने, बच्चों को एंटरटेनमेंट जोन में खिलाने और बार में बैठने पर रोक रहेगी। इसके अलावा शॉप के एरिया के मुताबिक हर शॉप को गाइडलाइंस जारी की गई है कि एक वक्त में वहां कितने लोग मौजूद रहेंगे। 
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बाजारों में खत्म हो ऑड-ईवन फार्मूला

राहत मिलने के पहले दिन शहर के बाजार गुलजार दिखे। वहीं शहर की छोटी मार्केट में ऑड-ईवन फार्मूला अभी भी लागू है। इस पर व्यापारी नेताओं ने आपत्ति प्रकट की है। व्यापारी नेताओं ने यूटी प्रशासन के इस फैसले को नाजायज बताते हुए शीघ्र ही इस फार्मूले को खत्म करने की मांग की है। इस आशय का एक पत्र भी यूटी प्रशासन को भेजा है।

उद्योग व्यपार मंडल के संयोजक कैलाश चन्द जैन ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि ढाई महीने के लॉकडाउन के बाद अनलॉक-1 में लगभग पूरा शहर खुल गया है। यहां तक कि मॉल ओर धार्मिक स्थलों को भी खोल दिया गया है लेकिन शहर की कुछ मार्केट जिनमें शास्त्री मार्केट, सदर बाजार, कृष्णा मार्केट, पटेल मार्केट आदि में अभी भी ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू है। 

इससे इन छोटे दुकानदारों को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह दुकानदारों के साथ नाइंसाफी है। इन दुकानदारों को भी अपनी रोजी-रोटी कमाने का अधिकार है, इसलिए प्रशासन से आग्रह है कि सुरक्षा के सभी मापदंड अपनाने के बाद व सोशल डिस्टेंसिंग की हिदायत देकर इन मार्केट को भी नियमित रूप से खोलने की इजाजत दी जाए। 
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