सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय एवं स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने का होटल, बार एंड रेस्टोरेंट उद्योग पर बुरा प्रभाव हो रहा है। हालत यह है कि बिक्री में साठ फीसदी तक की गिरावट आ गई है, उद्यमी लोन की किश्तें नहीं चुका पा रहे हैं।
ऐसे में वे बैंकों के डिफाल्टर हो रहे हैं। यह दावा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ पंजाब के जनरल सेक्रेटरी अमरवीर सिंह ने वीरवार को स्थानीय होटल में आयोजित कांफ्रेंस में किया।
होटल उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा की तर्ज पर शहरों के अंदर से गुजर रहे राष्ट्रीय मार्ग का दर्जा कम करके राहत दी जाए। अन्यथा होटल और रेस्टोरेंट उद्योग बंदी के कगार पर आ जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग, अन्य राज्यों की तर्ज पर पंजाब सरकार भी दे राहत
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अमरवीर ने कहा कि लुधियाना में समराला चौक से फिरोजपुर रोड चुंगी तक पचास से अधिक छोटे बड़े होटल हैं। तीन साल पहले इस मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग घोषित किया गया था, जबकि यह शहर में घनी आबादी वाला इलाका है, यहां पर ट्रैफिक बीस से चालीस किलोमीटर की स्पीड से रेंगता है।
ऐसे में इस रोड पर कारोबार ठप हो गया है। अमरवीर बोले कि प्रतिबंध लगने से बेरोजगारी बढ़ी है, कारोबार आधे से भी कम रह गया है, सरकार के राजस्व में कमी आई है, पर्यटन एवं सहायक धंधों पर बुरा असर पड़ा है।
अमरवीर ने कहा कि इस संबंध में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत सभी संबंधित मंत्रियों, विधायकों एवं अधिकारियों से मुलाकात की गई है। सरकार ने मूल रूप से राहत देने की बात मान ली है, लेकिन अभी तक इस बाबत नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। नतीजतन अभी तक हाईवे के साथ लगते होटलों में शराब नहीं परोसी जा रही है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में होटल उद्यमी मौजूद रहे।