पीजीआई के कर्मचारियों को अब हॉस्पिटल पेशेंट केयर अलाउंस नहीं मिलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में पीजीआई निदेशक को आदेश जारी कर दिया है। निदेशक प्रो. विवेक लाल ने 29 अगस्त को सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर इस भत्ते को तत्काल प्रभाव से बंद करने की सूचना दी है। यह भत्ता उन कर्मचारियों को दिया जाता था, जिनका काम संक्रामक रोगों से संक्रमित मरीजों या सामग्री के साथ लगातार संपर्क में रहने का था। यह उनके जोखिम भरे काम के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय सहायता थी, जिसे केंद्र ने 1 जुलाई 2017 से लागू किया था।
अब तक कितना मिलता था भत्ता?
सातवें वेतन आयोग के अनुसार, कर्मचारियों को उनके ग्रेड पे के आधार पर यह भत्ता मिलता था। 8वें ग्रेड पे या इससे नीचे के कर्मचारियों को 4,100 रुपये मिलते थे। 9वें ग्रेड पे या इससे ऊपर के कर्मचारियों को 5,300 रुपये मिलते थे। अब यह भत्ता कर्मचारियों को नहीं मिलेगा।
पीजीआई कर रहा फंड का विश्लेषण
स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के बाद पीजीआई निदेशक ने लेखा विभाग के प्रमुख और वित्तीय सलाहकार को एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में यह जानकारी शामिल होगी कि जब से यह भत्ता शुरू हुआ था, तब से अब तक कितना फंड खर्च हुआ है और भत्ता बंद होने के बाद कितनी बचत होगी। यह रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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