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नेशनल हेराल्ड प्लॉट आवंटन केस, CBI के सवालों के घेरे में हुड्डा के करीबी आईएएस

Mon, 31 Jul 2017 09:22 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीबीआई
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी रहे आईएएस अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एजेएल (एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड)प्लाट आवंटन मामले में सीबीआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के तत्कालीन अफसरों से पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया है।
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खास बात यह है कि एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड नेशनल हेराल्ड अखबार के स्वामित्व वाली कंपनी है। हुडा के तत्कालीन मुख्य प्रशासक और वर्तमान एसीएस परिवहन एसएस ढिल्लों से चार दिन पहले सीबीआई के अधिकारियों ने प्लाट आवंटन को लेकर चंडीगढ़ कार्यालय में पूछताछ की। सीबीआई ने सवालों की लंबी सूची तैयार की थी। 

सूत्रों के अनुसार उनसे लगभग तीन घंटे तक प्लॉट आवंटन से जुड़े सवाल पूछे गए। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ढिल्लों इसी साल 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। हरियाणा की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में वे सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं।
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ढिल्लों के बाद अब सीबीआई हुडा के तत्कालीन प्रशासक व वर्तमान में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम एवं हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक विनीत गर्ग और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की पूर्व वित्तायुक्त सेवानिवृत्त आईएएस शकुंतला जाखू को इस सप्ताह बुलाने की तैयारी में है।

इन पर सीबीआई ने प्लाट के दोबारा आवंटन के समय हुडा के मुख्य प्रशासक, प्रशासक और टीसीपी विभाग की वित्तायुक्त होने के नाते पांच अप्रैल 2017 को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। 

जांच एजेंसी जल्दी एजेएल पदाधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। इन सबसे पूछताछ के बाद पूर्व सीएम हुड्डा को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। चूंकि, हुड्डा 18 अगस्त 2005 को दोबारा प्लाट आवंटन के समय सीएम होने के नाते हुडा के चेयरमैन भी थे।

एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को 3360 वर्ग मीटर का प्लाट संख्या 17 पंचकूला के सेक्टर-6 में प्राइम लोकेशन पर नियमों को दरकिनार कर दोबारा आवंटित किया गया। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की जांच के आधार पर सूबे की वर्तमान मनोहर लाल सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
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