डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा उनके समर्थकों का गुस्सा नहीं बल्कि एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसके लिए पूर्व में योजना बनाकर फंड तक जारी किया गया था।
बैठक में ही तय किया गया था की सरकार पर किस तरह से दबाव बनाया जाएगा ताकि डेरामुखी को दोषी करार न दिया जा सके और अगर उनको दोषी करार दिया गया तो उसके बाद क्या किया जाएगा। यह खुलासा हरियाणा के डीजीपी क्राइम पीके अग्रवाल ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपे अपने हलफनामे में किया है।
डीजीपी ने रिपोर्ट में बताया कि तोड़फोड़, हिंसा और आगजनी इन सभी के लिए पहले से टमाटर फोड़ना, झाडू किस तरफ निकालनी है और पौधरोपण जैसे कोड बनाए गए थे ताकि समर्थकों को बताया जा सके की उनको करना क्या है। साजिश रचने के लिए हनीप्रीत ने डेरा मुख्यालय में बैठक की थी और अपने पीए राकेश के माध्यम से पंचकूला के चमकौर सिंह को 1.25 करोड़ रुपये पहुंचाए थे। इसके साथ ही बताया गया कि डा. आदित्य इंसां, पवन इंसां और नवीन को 25 लाख और राम सिंह को 18 लाख रुपये दिए गए थे ताकि भीड़ से अपने अनुरूप काम करवाया जा सके।
240 एफआईआर, 1413 लोग गिरफ्तार
पंचकूला में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
17 अगस्त को ही कर ली गई थी तैयारी
हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला के हैफेड चौक पर 17 अगस्त को ही तय कर लिया गया था कि 25 अगस्त को क्या, कैसे और कब करना है। इसकी तैयारी आदित्य इंसां, सुरिंदर धीमान, पवन इंसां, गोबिंद और मोहिंदर ने कर ली थी। जांच के दौरान चमकौर सिंह से 25 लाख बरामद किए गए तथा राकेश से 51 लाख और अथॉरिटी लेटर बरामद हुआ।
240 एफआईआर, 1413 लोग गिरफ्तार
डेरामुखी को चंडीगढ़ लाते समय वाहनों में इसी योजना के चलते हथियार लाए गए थे। जिनमें 4 एके-47, 159 राउंड्स, 5 पिस्तौल के साथ 102 राउंड्स, 2 राइफल और 2 मैगजीन और गोली बारूद बरामद किया गया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि अब तक इस मामले में एसआईटी ने 1413 को गिरफ्तार किया गया है। कुल 240 एफआईआर दर्ज की गई हैं जिनमें से 177 पंचकूला में दर्ज हुई हैं। पंचकूला में हुई एफआईआर में 1102 गिरफ्तारियां हुई हैं तथा अबतक कुल 200 मामलों को कोर्ट ले जाया जा चुका है।