इसके बाद प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने सिरसा पुलिस को दोबारा हनीप्रीत की अर्जी पर विचार करने के लिए कहा तो सिरसा पुलिस ने शनिवार को अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। सिरसा के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुनारिया जेल प्रशासन को अनुमति के साथ सख्त हिदायत थी कि हनीप्रीत से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए।
हनीप्रीत का राम रहीम से मिलने वालों की सूची में नाम है। जेल सुपरिंटेंडेंट ने रिपोर्ट मांगी थी। हनीप्रीत कानून के प्रावधान के तहत ही राम रहीम से मिली है। यदि कोई कानून व्यवस्था भंग करने की गलती करेगा तो उसे भुगतना पड़ेगा। कानून अपना काम करेगा। - अरुण नेहरा, एसपी सिरसा
25 अगस्त 2017 में हुई थी राम रहीम को सजा, पंचकूला में हुई थी हिंसा
सीबीआई की विशेष अदालत ने साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को सजा सुनाई थी। इसके बाद पंचकूला में हिंसा हुई, जिसके बाद देर शाम पुलिस राम रहीम को हेलीकॉप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल लेकर पहुंची। उस समय हनीप्रीत भी साथ थी।
पुलिस ने हिंसा मामले में हनीप्रीत को पंजाब से गिरफ्तार किया। वह 2017 से अंबाला की जेल में बंद रही। 6 नवंबर को उसे जमानत मिली। बाहर आकर हनीप्रीत ने सुनारिया जेल प्रशासन को राम रहीम से मुलाकात की अर्जी दी, लेकिन जेल प्रशासन ने सिरसा एसपी की रिपोर्ट पर अर्जी खारिज कर दी थी।