शहर के श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम में किशोरी का समलैंगिक विवाह कराने व यौन शोषण के मामले में दो साध्वियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद अब पीड़ित किशोरी का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा।
इसके लिए शहर पुलिस ने अदालत से अनुमति ले ली है। शीघ्र ही पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने की तिथि तय कर दी जाएगी। पीड़िता अपना पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने के लिए पहले ही सहमति जता चुकी है। पुलिस इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी है।
किशोरी टेस्ट के लिए पहले ही जता चुकी है सहमति
दोनों साध्वियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट पॉजीटिव मिलने के बाद अब पुलिस ने अगला स्टेप उठाया है। पुलिस ने अब पीड़ित किशोरी का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को एसपी व जिला महिला एवं बाल संरक्षण की चेयरपर्सन राजबाला को प्रार्थना पत्र सौंपकर किशोरी ने भी अपना पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने की गुहार लगाई थी।
इस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को पुलिस ने चरखी दादरी अदालत में किशोरी का पक्ष दर्ज करवाया। अदालत की ओर से किशोरी से पॉलीग्राफ करवाए जाने पर अपनी सहमति के बारे में पूछा गया। शहर पुलिस थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि अदालत के समक्ष किशोरी ने अपना पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने पर सहमति जताई है।
अदालत ने पुलिस को पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने की अनुमति दे दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस बारे में पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने की तिथि शीघ्र ही तय कर दी जाएगी।
शिकायत के बाद सुर्खियों में आया मामला
यहां विदित है कि नगर में गांधी नगर स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर की साध्वी पर किशोरी का यौन शोषण करने व उसका समलैंगिक विवाह कराने संबंधी अनेक आरोप है। 14 नवंबर को पीड़िता के माता-पिता की शिकायत के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था।
इस मामले में पीड़िता की ओर से महिला एवं बाल संरक्षण समिति व जिला पुलिस कप्तान से शिकायत की गई थी। किशोरी की शिकायत के आधार पर जांच टीम ने किशोरी व दोनों साध्वियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी।
पूछताछ के बाद जांच टीम इस मामले में किसी भी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी थी। तत्पश्चात पुलिस जांच टीम ने दोनों साध्वियों के पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने का निर्णय लिया था। जिसमें दोनों साध्वियों को क्लीन चिट मिल गई।