आरोपी के यहां से पकड़े जाने के बाद अब छात्रों की सुरक्षा के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को शारीरिक दूरी बनाकर रखने को कहा गया है। साथ ही विद्यार्थियों को उनके कमरों में ही खाना परोसा जा रहा है। इतना ही नहीं, हॉस्टल स्टाफ के खिलाफ भी पीयू प्रशासन कार्रवाई के मूड में है।
बता दें कि बीते 24 अप्रैल को बापूधाम कालोनी में पहला कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया था। पॉजिटिव मरीज की जब डिटेल खंगाली गई तो सामने आया कि युवक के संपर्क में 123 लोग थे। इनमें पड़ोस में रहने वाले एक युवक भी शामिल था। इसके बाद युवक को कहा गया था कि वह अपने घर पर ही क्वारंटीन हो जाए और अगले 14 दिनों तक बाहर न निकले लेकिन वह भाग निकला।
इसके बाद सेक्टर-26 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल की अगुवाई में टीम गठित कर उसकी तलाश शुरू की गई। जांच में सामने आया कि क्वारंटीन युवक सेक्टर-14 स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले करीब चार साल से हॉस्टल नंबर-1 में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा है। खुलासा होने के बाद पुलिस टीम पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंची, जहां वह छुपा हुआ था। पुलिस टीम ने पीपीई किट से खुद की सुरक्षा करते हुए उसे को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल नंबर-3 से खाना लिया था और लगातार सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी कर रहा था। पुलिस ने जब इस संबंध में जब पीयू प्रशासन से बात की तो सामने आया कि उसने होम क्वारंटीन संबंधी जानकारी किसी को नहीं दी है। वहीं इस पूरे मामले के बाद हॉस्टल नंबर-1 को सील कर दिया गया है।
साथ ही पुलिस ने आरोपी को कोविड-19 टीम को सौंपकर उसके खिलाफ आईपीसी 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कोविड-19 टीम ने सैंपल जांच को भेज दिया है। अब उसके संपर्क में आने वाले लोगों की भी तलाश की जा रही है ताकि उन्हें भी क्वारंटीन किया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है।