केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार दोपहर अटारी सड़क सीमा पर बनाई गई नई दर्शक दीर्घा राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 32 करोड़ की राशि से बनाई गई इस दर्शक दीर्घा में एक साथ 25 हजार से अधिक सैलानी रिट्रीट सेरेमनी देख सकेंगे। 2015 में राजनाथ सिंह ने ही इस दर्शक दीर्घा का नींव पत्थर रखा था। दर्शकों के लिए यहां पर दो बड़ी लिफ्ट भी लगाई गई हैं।
1999 में तत्कालीन गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और मुख्यमंत्री ने अटारी सीमा में दर्शक दीर्घा का उद्घाटन किया था। उस दीर्घा में मात्र पांच हजार सैलानी बैठ सकते थे। अब इस गैलरी को गोलाई का आकार दिया गया है ताकि पर्यटक पाकिस्तान में होने वाली सेरेमनी भी देख सकें। नई गैलरी 32 फुट ऊंची है। गैलरी को हेरिटेज लुक देने के लिए 22 गुंबद बनाए गए हैं।
पब्लिक के लिए 140 टॉयलेट बनाए गए हैं। बीएसएफ के जवानों के लिए नौ बैरक हैं। रिट्रीट समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखने के लिए 60 अति आधुनिक कैमरा लगाए गए हैं। आगजनी की घटना को रोकने के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। दीर्घा के नीचे कमरों में जवानों के हथियार रखने के साथ-साथ एक अजायबघर भी बनाया गया है। अटारी सीमा पर राजनाथ सिंह बीएसएफ जवानों के लिए बनाए जाने वाले रिहायशी घरों का भी नीव पत्थर रखेंगे।
अटारी सीमा पर सुरक्षा कड़ी
सीमा सुरक्षा बल सहित कई सुरक्षा एजेंसी ने अटारी सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। गृह मंत्री के आगमन की पूर्व संध्या पर बीएसएफ के जवानों ने रिट्रीट समारोह के पूरे क्षेत्र को घेरे में ले रखा था। राजनाथ सिंह एक पब्लिक समारोह को भी संबोधित करेंगे। एसएसपी देहात परमपाल सिंह के अनुसार केंद्रीय मंत्री के आगमन पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। 2015 में जब राजनाथ सिंह इस दीर्घा का नींव पत्थर रखने आए थे, तब पाकिस्तान ने ऊंची आवाज में समारोह में खलल डालने का प्रयास किया था।