हरियाणा सरकार ने बरोदा विधानसभा उपचुनाव के लिए तीन नवंबर को होने वाले मतदान के दृष्टिगत सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘सार्वजनिक अवकाश’ के साथ-साथ ‘अवकाश’ अधिसूचित किया है, ताकि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, उपरोक्त विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले विभिन्न कारखानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में भी अवकाश रहेगा, ताकि सभी नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
दो एचसीएस अफसरों का तबादला
हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से दो एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। हिसार के सिटी मजिस्ट्रेट अशवीर सिंह को उप मंडल अधिकारी (नागरिक) हिसार लगाया गया है। जबकि उप मंडल अधिकारी (नागरिक) हिसार राजेंद्र कुमार को हिसार का सिटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है।
सरकारी स्कूलों में दाखिला की अवधि बढ़ी
हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में दाखिला अवधि बढ़ा दी है। नौवीं व ग्यारहवीं के लिए 31 दिसंबर और दसवीं, बारहवीं के लिए 31 अक्टूबर तक अब विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की तरफ से मंगलवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए।
सरकार ने कोविड-19 के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। चूंकि, अनेक विद्यार्थी कारणवश दाखिला लेने से वंचित रह गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को विषय बदलने का भी मौका दिया है। वे 30 अक्टूबर तक एमआईएस (सूचना प्रबंधन प्रणाली) पर आवेदन कर सकते हैं।
मंडियों में पहुंचा 18.14 लाख मीट्रिक टन धान
हरियाणा की अनाज मंडियों में खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया तेज हो रही है। अब तक मंडियों में 18.14 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई। जिसमें से 18.13 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है। जबकि 12.48 मीट्रिक टन धान का उठान भी हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि हरियाणा की सभी मंडियों में 29 सितंबर से धान की खरीद शुरू कर दी गई थी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद करने के लिए 198 मंडियां खोली गई। धान की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित कॉमन किस्म के लिए 1868 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए के लिए 1888 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई है। जबकि अभी भी धान के किसानों के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खुला हुआ है। उधर, मक्का की खरीद 1850 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने के लिए 19 मंडियां खोली गई हैं और हैफेड को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ (वीटा) उपभोक्ताओं के लिए हल्दी दूध बाजार में ला रहा है। यह नवंबर के पहले सप्ताह तक बाजार में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगा। वीटा देसी गाय के दूध से तैयार घी भी उपभोक्ताओं के लिए आगामी जनवरी के प्रथम सप्ताह में बाजार में उतारने जा रहा है।
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने यह जानकारी दी। वह मंगलवार को यहां हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रसंघ द्वारा तैयार हल्दी दूध में काली मिर्च के अंश भी मिलाए गए हैं, जो हल्दी के साथ मिलकर रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में सहयोग करेंगे।
वीटा को पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से दूध की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। प्रसंघ रोजाना 1200 से 1300 लीटर दूध की आपूर्ति करेगा। बैठक में बताया गया कि खिलाड़ियों के लिए प्रसंघ प्रोटीनयुक्त डाइट तैयार करने पर भी विचार कर रहा है। रोहतक व जींद के मिल्क प्लांट में घी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में जींद के मिल्क प्लांट में नई मशीनरी स्थापित कर घी के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा।
सहकारिता मंत्री को अवगत कराया गया कि प्रसंघ की फ्रेंचाइजी नीति लगभग अंतिम पड़ाव पर है और इस नीति को जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद करियाना व रिटेल आउटलेट वाले ऑनलाइन आवेदन करने के बाद इसकी बिक्री कर पाएंगे। मंत्री को बताया गया कि ऑनलाइन डेयरी प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से मिल्क प्लांट में हो रही प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।
सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूध के उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए और अधिक समितियों का गठन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को दूध के उत्पाद मिल सकें। वीटा को एनसीआर व ट्राईसिटी में अपना दायरा ज्यादा से ज्यादा फैलाना चाहिए।
3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने का मुद्दा फिर गरमा गया है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग को 3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने के लिए 20 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बरोदा में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाकर बड़ा फैसला लिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि कोरोना कॉल में स्कूलों की वित्तीय स्थिति खराब हो चुकी है। अब अगर सरकार नियमों का सरलीकरण नहीं करेगी तो यह स्कूल बंद हो जाएंगे। इससे हरियाणा में बेरोजगारी फैलेगी और बच्चों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाएगी, क्योंकि यह सभी बहुत ही कम बजट वाले स्कूल हैं और मध्यवर्गीय परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं।
कुंडू ने पत्र के जरिये अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखते हुए अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से एक साल का अतिरिक्त समय देने और जल्द से जल्द नियमों में सरलीकरण कर उन्हें स्थायी मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों का टैक्स पूरे साल के लिए माफ हो, कोविड- 19 के चलते सरकारी स्कूलों की तर्ज पर प्राइवेट स्कूलों के लिए भी सरकार सैनिटाइजर, थर्मल गन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। एग्जिस्टिंग सूची शीघ्र जारी कर स्कूलों में तीसरी मंजिल के लिए भूमि में 30 प्रतिशत छूट की अधिसूचना जल्दी जारी करें।