फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गृहमंत्री अमित शाह 3 सितंबर को आएंगे चंडीगढ़, नॉर्दर्न जोनल काउंसिल की 29वीं बैठक, तैयारी जारी

Thu, 22 Aug 2019 10:38 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
अमित शाह - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
केंद्र में दोबारा मोदी सरकार बनने के बाद गृहमंत्री अमित शाह पहली बार तीन सितंबर को चंडीगढ़ आ रहे हैं। यहां केंद्रीय गृहमंत्री नॉर्दर्न जोनल काउंसिल की 29वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सूत्रों की मानें तो गृहमंत्री ट्राइसिटी में रिंग रोड प्रोजेक्ट, मोनो या फिर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर कई सालों से लंबित योजनाओं को रफ्तार दे सकते हैं। गृहमंत्री के आने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद तेज हो गई है।
विज्ञापन


एडवाइजर मनोज परिदा ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के अफसरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर योजनाओं को अंतिम रूप देने को कहा है। बैठक में ट्राइसिटी में ट्रैफिक अर्बन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी प्लानिंग पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने पर विस्तार से चर्चा हुई। ट्रैफिक कंजेशन कम करने के साथ ही वाहनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए साल 2016 में केंद्र सरकार के साथ तीनों प्रदेशों का एक एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत अर्बन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी पर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार को मिलकर 25-25 करोड़ खर्च करने हैं।

जानकारी के मुताबिक, गृहमंत्रालय की ओर से इस पैसे का ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कैसे खर्च करना है, इसको लेकर तीनों प्रदेशों से एक संयुक्त खाका तैयार करने को कहा गया है। बताते चलें कि इससे पहले अमित शाह लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद किरण खेर के लिए प्रचार करने सेक्टर-27 के रामलीला मैदान आए थे। गृहमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ प्रशासन ने दौरे को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर प्रशासक और एडवाइजर की ओर से अधिकारियों की कई बार मीटिंगें भी हो चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एडवाइजर की अब जवाबदेही अधिक

बड़ी बात यह है कि ट्राइसिटी में विकास के जो भी प्रोजेक्ट रुके हुए हैं, उन्हें रफ्तार तो मिलेगी ही साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि इसकी मानीटरिंग अब सीधे गृहमंत्रालय करेगा। एडवाइजर को अब बीते सालों की अपेक्षा ज्यादा जवाबदेही तय की गई है। विकास कार्यों में कहीं भी गड़बड़ी मिलती है तो एडवाइजर से सवाल और जवाब तलब किया जाएगा।

पहली बार आठ प्रदेशों की सहभागिता
केंद्रीय गृहमंत्री नॉर्दर्न जोनल काउंसिल के अध्यक्ष होते हैं। काउंसिल की 29वीं बैठक चंडीगढ़ के एक बड़े होटल में होनी है। मीटिंग में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और पहली बार यूटी बने लद्दाख के साथ चंडीगढ़ शामिल होंगे। बताते चलें कि लद्दाख पहली बार केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद नॉर्दर्न जोनल काउंसिल की मीटिंग में भाग लेगा जबकि जम्मू कश्मीर तो पहले भी इसका सदस्य रहा है।

पिछले साल नहीं हुई थी मीटिंग
नॉर्दर्न जोनल काउंसिल की बैठक आमतौर पर हर साल होती है लेकिन 2018 में यह बैठक नहीं हो सकी थी। इससे पहले परिषद की 28वीं बैठक भी चंडीगढ़ में ही हुई थी जिसकी अध्यक्षता तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। अब एक साल बाद काउंसिल की 29वीं मीटिंग हो रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें