हरियाणा में होमगार्ड जवानों के अधिकृत पद 14025 हैं। इसमें से करीब 11 हजार होमगार्ड जवान मौजूद हैं। शेष पद रिक्त हैं। इन मौजूदा जवानों में से भी लगभग 5 हजार जवान ही अभी ड्यूटी पर हैं। हर जिले में जवानों की संख्या और ड्यूटियां अलग-अलग रहती है और किस जवान को कब ड्यूटी देनी है, कहां ड्यूटी देनी है, इसके लिए मैनुअल ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाता है।
हर जवान को 89 दिन की ड्यूटी के बाद हटा दिया जाता है और ऑफ ड्यूटी बैठे जवान को उसकी जगह ड्यूटी पर लगाया जाता है। अब चूंकि होमगार्ड जवानों के पास ड्यूटियों की कमियां रहती हैं, इसलिए कई बार ऑफ ड्यूटी बैठे जवान की बारी आने में काफी दिन गुजर जाते हैं। इसी दौरान अपने चहेते होमगार्ड जवानों को भी जल्द ड्यूटी देने के आरोप लगते हैं और शिकायतें मुख्यालय तक पहुंचती हैं।
पंजाब में जवानों को पूरा साल मिलती है ड्यूटी, हरियाणा में नहीं
पंजाब में इस वक्त नौ हजार से अधिक होमगार्ड जवान हैं, जोकि पिछले कुछ सालों से पूरा साल ड्यूटी पर रहते हैं। पंजाब पुलिस व अन्य सरकारी विभाग अपने राज्य के होमगार्ड जवानों की लगातार ड्यूटियां लेते रहते हैं। हरियाणा में ऐसा नहीं है। यहां पुलिस विभाग चुनावों, ट्रैफिक मैनेजमेंट व इमरजेंसी के दौरान तो इन होमगार्ड जवानों को ड्यूटी दे देती है। मगर अन्य सरकारी विभाग अपने मुख्यालयों, जिला स्तर पर कार्यालयों व सरकारी गोदामों की सुरक्षा के लिए इनकी सेवाएं नहीं लेते।
इसके लिए इन विभागों का झुकाव प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों की ओर रहता है। रिटायर्ड डीएसपी रघुबीर सिंह यादव कहते हैं कि प्राइवेट एजेंसियों से आउटसोर्सिंग पर सिक्योरिटी गार्ड हायर की बजाए सभी सरकारी विभागों समेत खाद्य एजेंसियों को अपने होमगार्ड जवानों की सेवाएं लेनी चाहिए, क्योंकि ये एक तरह से सरकारी विंग का ही हिस्सा है और ये ज्यादा जिम्मेदारी और तत्परता से काम कर सकते हैं। इस तरह उन्हें पूरा साल रोजगार भी मिल पाएगा। उनके अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री को इस बाबत सरकारी विभागों को आदेश भी जारी करना चाहिए।