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होमगार्डों ने पीएम, सीएम, गृहमंत्री तक पहुंचाई शिकायतें, भड़के डीजीपी ने तलब किए आदेशक

Sat, 15 Feb 2020 10:58 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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ड्यूटी से हटाने, फिर ड्यूटी रोस्टर की अनदेखी कर लंबे समय तक उन्हें ड्यूटी उपलब्ध न करवाने इत्यादि कई शिकायतें होमगार्ड जवानों ने पीएम, सीएम और गृहमंत्री तक पहुंचा रखी है। ये अधिकतर शिकायतें लंबे समय से पेंडिंग चली आ रही है। न तो इनका निपटान हो रहा है और न ही शिकायत करने वाले जवानों की सुनवाई।
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इन्हीं लंबित शिकायतों को लेकर हरियाणा गृहरक्षी एवं नागरिक सुरक्षा विभाग का हाल ही में कार्यभार संभालने वाले डीजीपी प्रभात रंजन देव खफा और गंभीर हैं। शिकायतों व अन्य मामलों की लंबी विचाराधीनता को लेकर डीजीपी ने सभी जिलों के कमांडेंट (आदेशक) से इन शिकायतों पर सात दिन में जवाब तलब किया है।

इतना ही नहीं उन्होंने हेडक्वार्टर में भी लंबे समय से पेंडिंग मामलों व अदालतों में विचाराधीन केसों की रिपोर्ट भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार,  डीजीपी के इन्हीं निर्देशों के बाद स्टाफ अब लंबित केसों व शिकायतों की फाइलों से धूल साफ कर उन्हें आगे बढ़ाने में जुट गया है।
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शिकायतकर्ताओं को सुनने के बाद कमेंट करेंगे कमांडेंट

होमगार्ड जवानों की मुख्य शिकायत यह रहती है कि उन्हें साल में ड्यूटी के बाद जब हटाया दिया जाता है, तो ड्यूटी रोस्टर के तहत उन्हें समय पर ड्यूटी उपलब्ध नहीं करवाई जाती।

ऑफ ड्यूटी होमगार्ड जवानों का ये भी आरोप रहता है कि जिलों में ड्यूटी रोस्टर की अनदेखी कर अफसर अपने चहेते जवानों को एडजस्ट करने की कोशिशों में रहते हैं और उन्हें लंबे समय तक ऑफ ड्यूटी पर रखते हैं।

हालांकि डीजीपी प्रभात रंजन देव ने आगे के लिए मैनुअली ड्यूटी रोस्टर को ही खत्म कर ड्यूटी रोस्टर ऑनलाइन करने के आदेश दे दिए हैं और इस पर काम भी चल रहा है। मगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री कार्यालयों तक पहुंची जवानों की शिकायतों का निपटारा भी जरूरी है।

इसलिए डीजीपी ने सभी जिलों के कमांडेंट की बैठक बुलाकर उन्हें निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में शिकायतकर्ताओं को सुने और सात दिन में कमेंट के साथ शिकायतें मुख्यालय भेजें। ताकि सरकार को भी इन शिकायतों की निपटान संबंधी रिपोर्ट भेजी जा सके।
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इसलिए पेंडिंग है शिकायतें

सूत्रों के अनुसार, होमगार्ड जवानों द्वारा पीएम, सीएम व गृहमंत्री कार्यालय में भेजी शिकायतों को होमगार्ड हेडक्वार्टर में भेजा जाता है। पहले तो ये शिकायतें यही संबंधित कंपलेंट सेक्शन में ही पड़ी रहती हैं। उसके बाद जब इन शिकायतों को जिला कमांडेंट कार्यालयों में भेजा जाता है, तो वहां से भी इन शिकायतों के निपटान में काफी समय गुजर जाता है। जिस वजह से सरकार इस बात से अनभिज्ञ रह जाती है कि आखिरकार इन शिकायतों का क्या हुआ।

विभागीय केसों का निपटान शुरू
शिकायतों के साथ-साथ होमगार्ड विभाग में प्रोमोशन, एक्सग्रेशिया समेत अन्य कई मामले भी महीनों से पेंडिंग पड़े हैं। इस पर डीजीपी ने हैरानी व्यक्त करते हुए इन मामलों की रिपोर्ट भी तलब की है। सूत्रों के अनुसार, इन केसों के निपटान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। जबकि कोर्ट में विचाराधीन उन केसों की भी स्टडी की जा रही है, जिन्हें विभाग स्तर पर ही निपटाया जा सकता था, मगर इन केसों पर संज्ञान न लेने की वजह से ये केस कोर्ट तक पहुंचे।
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