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दुल्हन बनेंगी बिन मां-बाप की 5 बेटियां

Wed, 24 Dec 2014 01:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
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मेहंदी सजेगी, हल्दी लगेगी। शहनाई गूंजेगी, डोली उठेगी। यह सब कुछ होगा उन कन्याओं के विवाह में जिनके माता-पिता कोई नहीं है। तोशाम ओवरब्रिज के समीप संचालित बाल सेवा आश्रम में रहने वाली 5 कन्याएं 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं। इनके विवाह की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। वर ढूंढ लिया गया है, तारीख भी तय हो गई है।
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अगले माह में 28 जनवरी को यह कन्याएं वैदिक रीति रिवाज से विवाह बंधन में बंध जाएगी। खास बात यह कि इस दौरान विवाह में उन सारी रस्मों का निर्वाह होगा, जो आमतौर पर हर कन्या के विवाह में निभाई जाती है। आश्रम की ओर से उन्हें उपहार स्वरूप घर-गृहस्थी के सभी जरूरी सामान भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

वर्ष 1899 में लाला लाजपत राय के हाथों स्थापित बाल सेवा आश्रम में 50 लड़कियां रहती हैं। आश्रम में उन्हीं लड़कियों को रखने का प्रावधान है, जो 18 वर्ष से कम उम्र की हैं। इस वर्ष भी कई कन्याएं 18 वर्ष की आयु पूरी कर रही हैं। ऐसे में उन्हें आश्रम से विदा करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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विदाई भी ऐसी-वैसी नहीं, बल्कि धूमधाम से विवाह समारोह के साथ। 28 जनवरी को लाला लाजपत राय की जयंती पर इन कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। वैदिक रीति रिवाज से होने वाले इस विवाह में आम लड़कियों की शादी की तरह ही सभी रस्में निभाई जाएंगी।

मतलब शादी से पहले मंगल गीत गूंजेंगे। हल्दी, मेंहदी भी लगेगी। दूल्हा बारात लेकर आएगा और दुल्हन को डोली में बिठाकर ससुराल ले जाएगा। विवाह को लेकर जहां आश्रम में जोर-शोर से तैयारी चल रही है, वहीं उल्लास का माहौल भी छाया हुआ है।

कपड़ा, टीवी, फ्रिज, आभूषण सहित देंगे हर चीज
विवाह बंधन में बंधने जा रही यह कन्याएं भले ही बाल आश्रम में रह रही हैं, लेकिन उन्हें किसी कमी का अहसास नहीं होगा। विवाह के बाद कन्याओं को घर-गृहस्थी के सभी सामान भी दिए जाएंगे। डबल बेड, टीवी, फ्रिज, रसोई गैस, पंखा, आलमारी, कपड़ा, बर्तन और यहां तक कि  सोने-चांदी के आभूषण भी भेंट में दिया जाएगा। एक लाख का सिक्योरिटी बांड भी जमा कराया जाएगा।

150 आवेदनों में ढूंढे गए दूल्हे
कन्याओं के विवाह के लिए दूल्हों का चयन लंबी प्रक्रिया के बाद हुआ है। करीब 150 परिवारों ने इन कन्याओं से विवाह के आवेदन भेजे थे। इनमें से विभिन्न स्तरों पर छंटाई व आवेदनों में दर्ज संपत्ति व परिवार से जुड़ी जानकारियों के बाद दूल्हों का चयन किया गया है। सभी दूल्हे शिक्षित हैं।

कन्याओं के विवाह की तैयारी शुरू कर दी गई है। 28 जनवरी को सामूहिक विवाह वैदिक रीति रिवाज से कराया जाएगा। आश्रम अपने स्तर से जहां तक हो सकेगा उन्हें पर्याप्त उपहार भी देगा। लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की कमी न रहे। इच्छुक लोग खुद भी बालसेवा आश्रम में संपर्क कर कन्याओं को उपहार भेंट कर सकते हैं।
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-विद्यासागर गिरधर, प्रधान, बाल सेवा आश्रम, भिवानी
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