उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह झंडा फहराने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद बुद्ध वंदना की गई। पिंड दान के बाद बुद्धिस्ट विद्वानों के भगवान बुद्ध के उपदेशों पर चर्चा की।
बच्चों ने भगवान बुद्ध के चित्र बनाए और क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। क्विज में भगवान बुद्ध के जीवन पर प्रश्न पूछे गए। मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर लंगर भी लगाया गया। भगवान बुद्ध के जीवन पर बनी फीचर फिल्म भी दिखाया गया।
मीनल के बरुआ ने बताया कि बुद्ध विहार में धार्मिक कार्य के अलावा सामाजिक कार्य भी होते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में थाइलैंड से मंगाए गए भगवान बुद्ध की दो प्रतिमाओं के साथ उनके दो प्रिय शिष्य भंते मदग्लैन और भंते सारी पुत्र की प्रतिमाएं हैं। ये प्रतिमाएं पीतल की है।