एचएमटी पिंजौर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर कर्नल केपी मिश्रा को पंचकूला की एक अदालत ने मंगलवार को अग्रिम जमानत दे दी है। केपी मिश्रा पर संयुक्त महाप्रबंधक कंवलजीत सिंह नागी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि केपी मिश्रा जांच में शामिल हो चुके हैं। अभी तक की जांच में उनके खिलाफ कुछ खास नहीं मिला है। इसलिए अभी कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है। मिश्रा के वकील सुभाष चंद्र ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल जांच में शामिल हो चुके हैं और इस मामले मे पुलिस को हर संभव सहयोग कर रहे हैं। पिंजौर थाने के इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह ने कहा कि कर्नल मिश्रा ने बताया है कि उनका नागी के साथ कोई विवाद नहीं था। हम निश्चित रूप से सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं।
गौरतलब है कि एचएमटी पिंजौर के संयुक्त महाप्रबंधक कंवलजीत सिंह नागी ने 28 मार्च को एचएमटी परिसर में बनी पानी की टंकी से कूदकर जान दे दी थी। नागी की पत्नी ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केपी मिश्रा और कंपनी प्रबंधन पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
कंवलजीत सिंह की पत्नी की शिकायत पर पिंजौर पुलिस ने केपी मिश्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। कर्मचारियों ने पुलिस को बताया था कि उस दिन नागी को मिश्रा ने दो बार अपने कमरे में बुलाया था, जिसके बाद वह काफी परेशान दिख रहे थे। इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।