फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: दो साल में 27 फीसदी युवाओं को ही नौकरी दे पाया एचकेआरएन

विज्ञापन
विज्ञापन
4.35 लाख युवा हैं निगम के पास पंजीकृत, 1.18 लाख को मिला रोजगार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में अस्थायी नौकरियों के लिए गठित किया गया हरियाणा कौशल रोजगार निगम पिछले दो साल में मात्र 27 फीसदी युवाओं को ही रोजगार दे पाया है। इनमें हिसार के युवा सबसे आगे हैं, जबकि चरखी दादरी के युवा सबसे पिछड़े हैं। ये आंकड़े हरियाणा सरकार ने महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के सवाल के जवाब में विधानसभा के पटल पर रखा है। गौर हो कि कच्चे कर्मचारियों को ठेकेदारों के शोषण से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने 13 अक्टूबर 2021 को कौशल रोजगार निगम की स्थापना की थी। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देशय सरकारी और निजी संस्थानों में कुशल और सह कुशल कर्मचारियों की मांग को पूरा करना है। पहले अस्थायी कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआई आदि कटने को लेकर शिकायतें मिलती थी, इसके अलावा विभागों में कम कर्मचारियों की नियुक्ति करके केवल कागजों में ही कर्मचारियों के नाम से फर्जीवाड़ा कर वेतन निकाला जाता था। इन सब पर रोक के लिए निगम बनाया गया है।

जिला
रोजगार
हिसार
10,433
पंचकूला
8,951
रोहतक
7,267
सोनीपत
7,108
जींद
6,621
करनाल
6,392
सिरसा
6,161
भिवानी
5,993
अंबाला
5,705
गुरुग्राम
5,263
कुरुक्षेत्र
5,240
कैथल
5,197
यमुनानगर
4,904
महेंद्रगढ़
4,460
झज्जर
4,216
पलवल
4,209
रेवाड़ी
4,149
फतेहाबाद
3,943
पानीपत
3,268
नूंह
3,180
फरीदाबाद
3,114
चरखी दादरी
2,826
कुल
1,18,660


विदेशों में नौकरी के लिए भी इच्छुक हरियाणवी
कौशल रोजगार निगम द्वारा पिछले दिनों 10 हजार पदों के लिए भर्ती निकाली थी। इसके तहत इस्त्राइल, यूके और दुबई में युवाओं की जरूरत है। अब तक इस्त्राइल के लिए 3 हजार, यूके के लिए 900 और दुबई के लिए 2100 युवाओं ने आवेदन किया है। आयोग की मंशा है कि विदेशों में भेजने से पहले संबंधित युवाओं को संबंधित देशों की भाषा सिखाई जाए, ताकि वहां जाकर काम करने में कोई परेशानी न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन



अधिकारियों ने सदन के अंदर गलत जानकारी दी है। सच्चाई ये है कि निगम के माध्यम से अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को जो पहले से ही नौकरी पर थे, उनको निगम में समायोजित किया गया है। 18 हजार से अधिक नए युवाओं को रोजगार दिया गया है। इसलिए निगम को स्थापित करने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। यह युवाओं के साथ खिलवाड़ है। -बलराज कुंडू, विधायक, महम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें