चंडीगढ़ पंचायत चुनाव अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएंगे। दिसंबर 2018 में होने वाले पंचायत चुनाव के बाद 2021 के नगर निगम चुनाव में सभी 13 गांव एमसी में शामिल हो जाएंगे। गांवों के भरपूर विकास के लिए यूटी प्रशासन ऐसा फैसला लेने जा रहा है। इसके लिए एक हफ्ते पहले प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय मीटिंग हुई। इसमें सभी गांव के सरपंच मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक बीते हफ्ते में प्रशासक बदनौर ने चंडीगढ़ के 13 गांवों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई थी, जिसमें यूटी प्रशासन के आलाधिकारियों के साथ सभी गांवों के सरपंच भी शामिल रहे हैं। बताया जाता है कि प्रशासक की ओर से मीटिंग में सिटी के गांवों को नगर निगम में शामिल करने के लिए एक एजेंडा प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया कि गया कि यदि शहर के सभी गांवों को एमसी में शामिल कर लिया जाएगा, तो गांवों का भरपूर विकास होगा। गांव के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में भी काफी इजाफा होगा।
गांवों में विकास को लेकर बनी सहमति
मीटिंग में मौजूद अधिकतर सरपंच गांवों के विकास को लेकर प्रशासक के एजेंडे पर सहमति जताई है। हालांकि, कुछ सरपंचों ने दिसंबर माह में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर आपत्ति जताई। सरपंचों का कहना है कि 2021 में निगम के साथ गांवों में दोबारा चुनाव होंगे, तो दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनावों का कोई मतलब नही हैं। सरपंचों की इन शंकाओं का समाधान करते हुए प्रशासक ने कहा कि इस बार पंचायत चुनाव समय से होंगे। आगामी एमसी के चुनाव में पूरी रूपरेखा तैयार कर गांवों को नगर निगम में शामिल कर दिया जाएगा।
इसलिए हो रहा प्रक्रिया में बदलाव
पंचायत प्रक्रिया लागू होने के तहत लाल डोरे के अंदर तो विकास हो जाता है, लेकिन इसके बाहर का एरिया विकास से कोसों दूर है। यही वजह है कि शहर के कई इलाकों में विकास नहीं हो पा रहा है। प्रशासन इसमें सुधार करने के लिए सिटी के सभी 13 गांवों को नगर पालिका में शामिल करने कवायद में लंबे अरसे से जुटा है। 2021 में होने वाले निगम के चुनाव के साथ ही गांवों को भी इसमें शामिल कर दिया जाएगा।
इन गांवों को निगम में शामिल करने की है चर्चा
निगम की ओर से प्रशासन को भेजे गए एक प्रस्ताव के मुताबिक किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुरकलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, खुड्डा लाहौरा और खुड्डा जस्सू गांव हैं, जिन्हें निगम में शामिल करने पर अब तक चर्चा हो रही थी। अब इन पर आखिरी मुहर लगने वाली है।