फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजनाला में मिले कंकालों पर शोध: हड्डियों-दांतों के अवशेषों से भौगोलिक क्षेत्र और खानपान की आदतों का लगा पता

Sat, 21 Oct 2023 02:05 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के अजनाला कस्बे के गुरुद्वारे में स्थित कुएं में 2014 में 282 नरकंकाल मिले थे। अजनाला के शोध में वैज्ञानिकों ने पता लगाया था कि कंकाल पूर्वी गंगा के मैदानी क्षेत्रों के बहादुर सैनिकों के थे। शोधकर्ताओं ने आइसोटोप विश्लेषण के लिए 27 दांतों के नमूनों से प्राप्त स्ट्रोंटियम आइसोटोप अनुपात का उपयोग किया है।
विज्ञापन
skeleton
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के अजनाला (पंजाब) से मिले 166 साल पुराने मानव कंकालों पर स्ट्रोंटियम आइसोटोप विश्लेषण तकनीक के लिए जरिए एतिहासिक शोध कर वैज्ञानिक इनपुट दिया गया है। यह शोध चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी के डॉ. जेएस सहरावत, बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज, लखनऊ के डॉ. नीरज राय और डॉ. शैलेश अग्रवाल और मेमोरियल यूनिवर्सिटी, न्यूफाउंडलैंड, कनाडा के प्रो. वॉन ग्रिम्स और डॉ. एंड्रयू पी केनी ने किया है।  
विज्ञापन


यह शोध 18 अक्तूबर को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ लीगल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। डॉ. सहरावत ने बताया कि बड़ी संख्या में कंकालों की फॉरेंसिक पहचान करने के लिए डीएनए के बजाय स्ट्रोंटियम आइसोटोप विश्लेषण का उपयोग पहली बार किया गया है। यह तकनीक डीएनए तकनीक से मंहगी है, इसके साथ ही आइसोटोप विश्लेषण के परिणाम अधिक बेहतरीन निकले है।

यह भी पढ़ें: Punjab: बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे अमृतसर, पीली पगड़ी पहन स्वर्ण मंदिर में हुए नतमस्तक
विज्ञापन


पीयू के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के डॉ. सहरावत ने बताया कि आइसोटोप विश्लेषण में हड्डियों और दांतों के जरिए मानव अवशेषों के भौगोलिक क्षेत्र और उनके खान-पान की आदतों का पता लगाया है। भविष्य में यह तकनीक गुमनाम मानव अवशेषों के भौगोलिक क्षेत्र और उनकी व्यक्तिगत पहचान में यह तकनीक मील का पत्थर साबित होगी। 
विज्ञापन


2014 में कुएं में मिले थे 282 नरकंकाल
पंजाब के अजनाला कस्बे के गुरुद्वारे में स्थित कुएं में 2014 में 282 नरकंकाल मिले थे। अजनाला के शोध में वैज्ञानिकों ने पता लगाया था कि कंकाल पूर्वी गंगा के मैदानी क्षेत्रों के बहादुर सैनिकों के थे। शोधकर्ताओं ने आइसोटोप विश्लेषण के लिए 27 दांतों के नमूनों से प्राप्त स्ट्रोंटियम आइसोटोप अनुपात का उपयोग किया है। शोध के निष्कर्षों ने पुष्टि की है कि कुएं में पाए गए मानव कंकाल अजनाला यानी पंजाब में और उसके आसपास रहने वाले लोगों के नहीं थे। बल्कि स्ट्रोंटियम आइसोटोप की प्रचुरता यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों के जल स्रोतों, अनाज और चट्टान के नमूनों से मेल खाती है। स्ट्रोंटियम आइसोटोप विश्लेषण परिणामों से पता चला कि अजनाला के व्यक्ति अपने बचपन के दौरान अमृतसर क्षेत्र में नहीं रहते थे और वे गंगा के मैदानी क्षेत्रों से आए थे।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें