राज्य सरकार हिसार जिले में भगाना गांव के दलित परिवारों के धर्म परिवर्तन का प्रकरण सुलझाने के लिए सक्रिय हो गई है, वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांग ली है।
आयोग की टीम शीघ्र ही भगाना का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। उधर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का कहना है कि धर्म परिवर्तन कर सरकार पर दबाव बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
आयोग ने प्रकरण को चिंताजनक करार दिया है। प्रदेश की पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के समय से चले आ रहे प्रकरण में आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने बताया कि वे एक साल पहले भगाना गांव का दौरा कर पीड़ितों को न्याय दिला चुके हैं। मौजूदा समय में पीड़ितों ने धर्म परिवर्तन जैसा कदम क्यों उठाया। इसकी नए सिरे से जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे दलित परिवारों ने शनिवार को सामूहिक रूप से धर्मपरिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया।
भगाना कांड संघर्ष समिति ने यह कदम सरकार को अल्टीमेटम देने के बाद उठाया था। धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों की शिकायत थी कि सरकार ने उन्हें अनसुना किया।