60 फीट गहरे बोरवेल से 48 घंटे बाद निकाले गए डेढ़ साल का मासूम नदीम अब खतरे से बाहर है। मां और साथ नर्सें अब उसकी देखभाल में जुटी हैं। हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उपचाराधीन नदीम की हालत अब लगभग खतरे से बाहर है। उसकी हालत में दिन-ब-दिन लगातार सुधार हो रहा है।
डॉक्टरों को मंगलवार को नदीम की हालत में काफी सुधार प्रतीत हुआ। अब डॉक्टर उसे हर तीन घंटे बाद तरल पदार्थ दे रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन उसके अलग-अलग टेस्ट किए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नदीम तेजी से रिकवर कर रहा है, जिससे यह कहा जा सकता है कि वह जल्दी ठीक हो जाएगा।
गड्ढे से बाहर निकले 100 घंटे से ज्यादा का समय
सर्वोदय अस्पताल में उपचाराधीन नदीम को मंगलवार शाम गड्ढे से बाहर निकले 100 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है। उसे 22 मार्च की शाम 5:20 बजे बाहर निकाला गया था। शुरुआत में नदीम की हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के अनुसार, उसे निमोनिया था और काफी इंफेक्शन भी था, लेकिन दिन-ब-दिन उसकी हालत में सुधार आता गया। डॉक्टरों के अनुसार, नदीम के कॉनशियस लेवल में सुधार हुआ है। हर रोज नदीम का बीपी चेक किया जा रहा है और ब्लड यूरिया की रिपोर्ट ली जा रही है।
नदीम की हालत अब खतरे से बाहर कही जा सकती है। बहुत जल्दी रिकवर कर रहा है। उसे लगातार कुछ अंतराल के बाद तरल पदार्थ दिया जा रहा है और हर रोज टेस्ट करके प्रोग्रेस रिपोर्ट ली जा रही है। उम्मीद है नदीम जल्द ही ठीक हो जाएगा।
- डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार