हिंदू महासभा ने एक बार फिर दुराचार मामलों को लेकर विवादित बयान दिया है। महासभा का कहना है कि दुराचार के मामलों के लिए लड़कियां ही जिम्मेदार हैं। दुराचार के लिए मोबाइल, जींस-टॉप और भड़कीले कपड़ों को जिम्मेदार बताने वाली हिंदू महासभा अब इन पर रोक लगवाने के लिए प्रदेश स्तर पर अभियान छेड़ेगी।
रविवार को हिसार के न्यू मॉडल टाउन में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में साफ कहा गया कि लड़कियों के कपड़ों में बदलाव जरूरी है ताकि दुराचार के मामलों को कम किया जा सके। बैठक में फैसला लिया गया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश में खाप-पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
सभा जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से मिलकर इस संबंध में नियम बनाने की मांग करेगी। इससे पहले भी हिंदू महासभा लड़कियों के जींस-टॉप पहने पर रोक लगाने संबंधी विवादित बयान दे चुकी है, जिस पर जागरूक लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है।
कॉलेजों में लागू कराएंगे ड्रेस कोड
रविवार को हिसार के न्यू मॉडल टाउन में हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पानू की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया।
हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच ने कहा कि वे कॉलेजो में मोबाइल फोन ले जाने और जींस-टॉप पहनने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने को लेकर खाप पंचायतों से मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि हम कोई फरमान जारी नहीं करते, बल्कि हिंदू संस्कृति को बचाने के लिए प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा चलाई गई इस मुहिम का सात प्रतिशत असर दिखाई दिया है।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों में लड़कियों के भड़कीले कपडे़ और जींस-टॉप के स्थान पर ड्रेस कोड लागू करवाकर ही रहेंगे। इसको लेकर वे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि हिंदू महासभा के हरियाणा में करीब 41223 सदस्य बन चुके हैं।
‘रेप करने वाले का हो सामाजिक बहिष्कार’
सिवाच ने कहा कि लड़कियों से रेप करने वाले युवक और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। कोई भी उसके परिवार से लेन-देन न करें, साथ ही स्कूल-कॉलेज में जाने वाले छात्र-छात्राओं पर अभिभावक निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में वेश्यावृत्ति को वह किसी भी सूरत में वैध नहीं होने देंगे, चाहे हिंदू महासभा को कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। उन्होंने कहा कि प्रेम विवाह हिंदू समाज में ही हो और वह भी अपने माता-पिता की रजामंदी के साथ। इससे हिंदू संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
शाही इमाम की आलोचना की
जामा मस्जिद के शाही इमाम के बारे में सिवाच ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति नवाज शरीफ और भारत के सभी नेताआें को निमंत्रण दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण न देकर हिंदू समाज के साथ धोखा किया है।
बैठक में हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता ललित भारद्वाज, जिला अध्यक्ष कृष्ण सिंधु, डॉ. रामकुमार शर्मा, जगदीश बागड़ी, कृष्ण वाल्मीकि, देवेंद्र कौशिक, डॉ. रतनलाल वशिष्ठ, राम प्रवेश शर्मा, संजय सहारन और सत्यवान फौजी आदि उपस्थित थे।