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पाकिस्तान इंटरमीडिएट PMET में हिंदू लड़की का 'करिश्मा'

Sun, 23 Aug 2015 06:04 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, अमृतसर(पंजाब)
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पाकिस्तान के इंटरमीडिएट PMET में पहली बार हिंदू लड़की ने वो 'करिश्मा' कर दिखाया जो अब तक किसी ने भी नहीं की थी। दरअसल पाकिस्तान के हिंदू समाज की करिश्मा कुमारी ने इंटर मीडिएट प्री-मेडिकल एग्जामिनेशन टेस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
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कराची के डीए डिग्री कॉलेज फॉर वुमन की छात्रा करिश्मा ने 1100 में से 999 अंक हासिल किए हैं। 90.82 प्रतिशत अंक पाने पर करिश्मा को पचास हजार का नकद पुरस्कार भी मिला है। पाकिस्तान के मेडिकल इतिहास में यह पहली बार है कि किसी हिंदू छात्रा ने बाजी मारी है। इस परीक्षा में 20 हजार 855 विद्यार्थी बैठे थे।

इनमें से दस हजार 423 ही परीक्षा पास कर पाए। द बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजूकेशन कराची (बीआईईके) के चेयरपर्सन अख्तर गौरी ने सोमवार को परीक्षा के परिणाम घोषित किए। एग्जामिनेशन कंट्रोलर इमरान चिश्ती ने बताया कि प्री-मेडिकल बैच (द्वितीय वर्ष) की परीक्षा में इस बार करिश्मा कुमारी ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
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करिश्मा ने कहा कि यदि लक्ष्य पाने की इच्छाशक्ति और कड़ा परिश्रम करने का जज्बा हो तो कोई भी व्यक्ति मंजिल पा सकता है। वह केवल परिश्रम करने में विश्वास करती है।
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पाकिस्तान की मनबीर कौर ने 10वीं में बनाया था रिकॉर्ड

करिश्मा ने बताया कि उसके पिता डाक्टर हैं और कराची में एक अस्पताल में कार्यरत हैं। उसने पढ़ाई के दौरान डीए डिग्री कॉलेज में कभी भी भेदभाव का सामना नहीं किया। स्कूल और कालेज अध्यापकों ने उसकी मदद की। वह जो भी सवाल लेकर उनके पास गई, उनका हल मिला। उसने कहा कि वह महिला रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है।

इतिहास शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने बताया कि करिश्मा कुमारी दसवीं की बोर्ड परीक्षा में भी कराची क्षेत्र में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली पहली हिंदू कन्या थी। करिश्मा द्वारा प्री-मेडिकल परीक्षा में रिकार्ड स्थापित करने के बाद वहां के हिंदू समाज के युवाओं में एक नया जज्बा पैदा हुआ है।

कराची में हिंदुओं की बेटियों के अपहरण और उत्पीड़न के बावजूद करिश्मा ने जो उपलब्धि हासिल की। इसके लिए भारत में रहने वाले हिंदू संगठनों को भी उनकी आर्थिक सहायता करनी चाहिए। श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी प्रेम सिंह की बेटी मनबीर कौर ने मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे। मनबीर ने 1100 में से 1023 अंक प्राप्त किए थे। एसजीपीसी ने मनबीर को 50 हजार रुपये की राशि भेजी है।
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