पाकिस्तान के इंटरमीडिएट PMET में पहली बार हिंदू लड़की ने वो 'करिश्मा' कर दिखाया जो अब तक किसी ने भी नहीं की थी। दरअसल पाकिस्तान के हिंदू समाज की करिश्मा कुमारी ने इंटर मीडिएट प्री-मेडिकल एग्जामिनेशन टेस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
कराची के डीए डिग्री कॉलेज फॉर वुमन की छात्रा करिश्मा ने 1100 में से 999 अंक हासिल किए हैं। 90.82 प्रतिशत अंक पाने पर करिश्मा को पचास हजार का नकद पुरस्कार भी मिला है। पाकिस्तान के मेडिकल इतिहास में यह पहली बार है कि किसी हिंदू छात्रा ने बाजी मारी है। इस परीक्षा में 20 हजार 855 विद्यार्थी बैठे थे।
इनमें से दस हजार 423 ही परीक्षा पास कर पाए। द बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजूकेशन कराची (बीआईईके) के चेयरपर्सन अख्तर गौरी ने सोमवार को परीक्षा के परिणाम घोषित किए। एग्जामिनेशन कंट्रोलर इमरान चिश्ती ने बताया कि प्री-मेडिकल बैच (द्वितीय वर्ष) की परीक्षा में इस बार करिश्मा कुमारी ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
करिश्मा ने कहा कि यदि लक्ष्य पाने की इच्छाशक्ति और कड़ा परिश्रम करने का जज्बा हो तो कोई भी व्यक्ति मंजिल पा सकता है। वह केवल परिश्रम करने में विश्वास करती है।