हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है। कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत में मंगलवार को केस पर अंतिम बहस हुई।
बचाव पक्ष के वकील ने पीड़ित पक्ष के तीन गवाहों अदम्य राठौर, राजन पपनेजा और करण योग के बयानों पर सवाल उठाया। एडवोकेट वडै़च ने तीनों गवाहों के बयान पढ़े। तीनों ने अपने बयान में कहा था कि बीएमडब्ल्यू तीन से पांच बार अकांक्ष के ऊपर चढ़ाई गई थी, जबकि मेडिकल रिपोर्ट और डेथ समरी के मुताबिक, अकांक्ष के शरीर पर खरोचें थीं।
बचाव पक्ष का कहना है कि यदि 1500 किलो की गाड़ी तीन से पांच बार किसी के ऊपर चढ़ाई जाएगी तो खरोचें नहीं आएंगी, बल्कि बॉडी जमीन से चिपक जाएगी। इसलिए यह साबित नहीं होता कि अकांक्ष पर तीन बार गाड़ी चढ़ाई गई। अगर गाड़ी इतनी बार चढ़ाई गई होती तो अकांक्ष की मौत 36 घंटे बाद होने की बजाय तुरंत हो जाती। एडवोकेट वड़ैच ने कहा कि हरमेहताब को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।