हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है, क्योंकि चश्मदीद गवाह अपने बयानों से मुकर गया। चश्मदीद गवाह गगनदीप सिंह शेरगिल उर्फ शेरा जिला अदालत में बुधवार को अपने बयानों से मुकर गया। शेरा ने जज के सामने दिए बयान में बताया कि जिस हादसे में अकांक्ष की जान गई थी, वह कैसे हुआ था, उसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है और न ही वह मौके पर मौजूद था।
वहीं शिकायतकर्ता पक्ष के वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि शेरा ने भले ही घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया है लेकिन उसने अपनी और फरीद की पुरानी दुश्मनी की बात पिछली सुनवाई के दौरान कबूल की थी। एडवोकेट तरमिंदर के मुताबिक शेरा ने यह भी कहा कि उस रात बलराज और फरीद उनके दोस्त दीप संधू के घर मौजूद थे, जहां अकांक्ष सेन भी था।
पहले दिया था ये बयान
घटना के बाद शेरा ने पुलिस को बयान दिया था कि वह हादसे के दौरान मौके पर मौजूद था और उसने ही घायल अकांक्ष को अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि बुधवार को कोर्ट में गवाही के दौरान शेरा ने कहा कि उसने पुलिस को ऐसी स्टेटमेंट नहीं दी थी। पुलिस ने खुद ही उनकी स्टेटमेंट लिख दी।
अब ये बयान दिया
बुधवार को अदालत में शेरा ने जज के सामने कहा कि उस रात दीप सिद्धू ने सभी को अपने घर बुलाया था। शेरा ने कहा कि वह तो दीप संधू के घर के अंदर था और उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि बलराज और फरीद ने बीएमडब्ल्यू कार से अकांक्ष को बाहर कुचल दिया है।
क्या था मामला
अकांक्ष हत्याकांड में गिरफ्तार हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद
अकांक्ष ने सेक्टर-9 स्थित कैफे एवं डिस्को में भाई अदम्य, करण और राजन सहित पार्टी आयोजित की थी। रात करीब 12 बजे डिस्को बंद कर दिया गया। इसके बाद अकांक्ष अपने दोस्त दीप संधू के पास सेक्टर-9 स्थित कोठी नंबर-165 में पार्टी के लिए चला गया। वहां पर दीप संधू, शेरा, बलराज सिंह रंधावा और हरमहताब सिंह उर्फ फरीद शराब पी रहे थे।
इसी बीच शेरा और हरमहताब सिंह में बहस हो गई। करीब तीन बजे अदम्य राठौर, आकांक्ष, करण और राजन वहां से सेक्टर-18 स्थित राजन की कोठी में चले गए। अकांक्ष ने साथियों को सेक्टर-9 में शेरा की जानकारी लेने को कहा। गाड़ी में सवार होकर अकांक्ष, अदम्य, करण और राजन सेक्टर-9 पहुंचे।
अकांक्ष अभी कोठी की घंटी बजाने ही वाला था कि शेरा, हरमहताब सिंह, बलराज सिंह रंधावा कोठी से बाहर आए। यहां उनकी फिर से अकांक्ष से बहस हो गई। इसके बाद बलराज सिंह ने बीएमडब्ल्यू से आकांक्ष को कुचल दिया। बाद में दोनों आरोपी फरार हो गए थे। अदम्य, राजन और शेरा ने अकांक्ष को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई थी।