हाईवे पर शराब के ठेके न होने का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। हरियाणा में होने वाले सड़क हादसों में कमी आई। चंडीगढ़ की संस्था अराइव सेफ ने सड़क परिवहन मंत्रालय से जानकारी हासिल की है। इसके मुताबिक, हाईवे पर शराब की दुकानें बंद होने के बाद हरियाणा में 2016 में 529 जानलेवा हादसे हुए, जिसमें 165 लोगों की जान गई। जबकि इससे पहले 2015 में 1092 सड़क हादसे हुए थे, जिसमें 478 लोगों की मौत हो गई थी।
इन आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाले हादसों में 56 फीसदी की कमी आई है, जबकि पंजाब में इसकी विपरीत यह आंकड़ा बढ़ गया। पंजाब में शराब पीकर वाहन चलाने से हुए हादसे में पिछले साल 91 मौत हुई थी, जो बढ़कर 197 हो गई यानी करीब 116 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
अराइव सेफ एनजीओ के अध्यक्ष हरमन सिद्धू के मुताबिक, पंजाब-हरियाणाहाईकोर्ट ने हाईवे पर शराब के ठेके बंद करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद पंजाब ने अपनी पॉलिसी में बदलाव कर दिया और ठेके नहीं हटे। इसी का नतीजा है कि पंजाब में शराब पीकर होने वाले हादसों में कमी नहीं हुई। सिद्धू के मुताबिक, हरियाणा में जानलेवा हादसों में कमी आई, इससे जाहिर है कि हाईवे पर शराब न मिलने का सकारात्मक असर हुआ है।