हजारों एससी कर्मचारियों को तरक्की के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुनवाई स्थगित कर दी है। ऐसे में अभी ऐसे कर्मचारियों की तरक्की वापस नहीं होगी। पिछली सुनवाई पर ही तय हो गया था कि तरक्की वापस कराने को लेकर सामान्य वर्ग के कर्मियों की ओर से दायर की गई अवमानना याचिकाओं पर मुख्य मामले की सुनवाई होने तक पैरवी नहीं हो सकेगी।
सरकार ने हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग दे दी थी कि अपील की सुनवाई तक एससी कर्मियों की तरक्की वापस नहीं ली जाएगी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने एससी कर्मियों को तरक्की में आरक्षण केलिए डाटा तैयार करने को कहा था, लेकिन पिछली सरकार ने डाटा के लिए कमेटी तो बना ली, लेकिन डाटा तैयार किए बगैर एससी कर्मियों के लिए तरक्की में 20 प्रतिशत आरक्षण तय कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
पिछले साल नवंबर माह में एकल बेंच ने तरक्की में आरक्षण की नोटिफिकेशन रद्द कर दी थी। इस फैसले को अपील में चुनौती दी गई थी। मौजूदा सरकार ने कहा था कि नए सिरे से डाटा तैयार कर तरक्की की नई नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। ताजा नोटिफिकेशन को फिर से चुनौती दी गई थी। सामान्य वर्ग के कर्मियों ने नई चुनौती में कहा था कि डाटा सही तरीके से तैयार नहीं किया गया।
इस याचिका की सुनवाई करते हुए एकल बेंच ने नई नोटिफिकेशन पर भी रोक लगा दी थी। रोक के खिलाफ एससी कर्मचारियों ने एडवोकेट सिरीश गुप्ता के माध्यम से अपील दाखिल की थी। बेंच को एससी कर्मचारियों ने बताया था कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सरकार उन्हें रिवर्ट कर रही है। सरकार ने कहा कि सामान्य वर्ग के कर्मियों ने नवंबर 2014 के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ अवमानना याचिकाएं भी दायर कर रखी हैं।