Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पिंजौर स्थित एचएमटी फैक्टरी के ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। पूछा है कि आखिर किस आधार पर एचएमटी की फैक्टरी को बंद करने का फैसला लिया गया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की वह फाइल तलब की है, जिसके तहत फैक्टरी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस पर केंद्र व हरियाणा की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की अपील की गई। हाईकोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए सुनवाई टाल दी है।
एचएमटी की पिंजौर यूनिट के कर्मचारियों की तरफ से दाखिल याचिका में केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के फैसले को खारिज करने की मांग की गई है, जिसमें ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने का फैसला लिया गया था। याचिका में चार नवंबर 2016 के फैसले को भी खारिज करने की मांग की गई, जिसमें कर्मचारियों को वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) लेने या फिर इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत छंटनी किए जाने की बात कही गई।
याचिका में कहा गया कि एचएमटी के 1100 कर्मचारी ट्रैक्टर यूनिट के बहाल होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने यूनिट बंद करने पर सहमति दे दी और कर्मचारियों को वीआरएस देने की बात कही। केंद्र ने सुझाव दिया कि ट्रैक्टर यूनिट को बंद कर मशीन टूल्स यूनिट पर फोकस किया जाए। इसका एक बड़ा कारण ट्रैक्टर यूनिट का लगातार आर्थिक नुकसान में रहना है।