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पीयू सीनेट चुनाव : उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशें जून में हो सकती हैं लागू

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव के लिए उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशें जून में लागू हो सकती हैं। समिति ने अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार कर चांसलर को भेज दी है। जल्द ही इस रिपोर्ट पर मुहर लग सकती है। जानकारों का कहना है कि सभी पक्षों के विचारों को रिपोर्ट में जगह मिली है। सुझाव समिति ने कौन से दिए हैं, यह जून में सार्वजनिक हो सकते हैं।
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समिति के सुझावों पर चल रहा मंथन
पीयू के सीनेट चुनाव के लिए कार्यक्रम कई बार तय हो चुका है, लेकिन आखिर समय पर आते-आते यह स्थगित हो जाता है। हाईकोर्ट के आदेश पर पीयू ने इस बार चुनाव कार्यक्रम जारी किया, लेकिन कोरोना का प्रसार इतना बढ़ गया कि इसे स्थगित करना पड़ा। हालांकि इस प्रकरण पर हाईकोर्ट 6 जुलाई को सुनवाई करेगा। इसी बीच उच्चस्तरीय समिति की बैठकें चलीं और सभी के सुझाव लेकर रिपोर्ट तैयार की गई। यह रिपोर्ट चांसलर कार्यालय को भेज दी गई। चांसलर कार्यालय में इस रिपोर्ट पर मंथन चल रहा है। समिति के कौनसे ऐसे सुझाव हैं जिसके जरिए पीयू का भला हो सकता है और शिक्षकों व कर्मचारियों को सर्वाधिक लाभ मिल सकता है। छात्रों के हित किन सुझावों के लागू करने के बाद बेहतर हो सकेंगे, उनको देखा जा रहा है।
सीनेट में शिक्षक सर्वाधिक होंगे, माना जा रहा तय
सूत्रों का कहना है कि जुलाई में हाईकोर्ट में सीनेट चुनाव को लेकर सुनवाई है। उस तिथि से पहले समिति की सिफारिशें सार्वजनिक होंगी। हाईकोर्ट में पीयू की ओर से चांसलर कार्यालय की ओर से फाइनल की गई शासन सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकती है। उसी के आधार पर पीयू सीनेट चुनाव करवाने की बात कहेगी। हालांकि उच्चाधिकारी अभी इस प्रकरण पर बयान नहीं दे रहे हैं, लेकिन पीयू के वरिष्ठ शिक्षक यही बात कह रहे हैं। यदि जून में समिति की रिपोर्ट सामने आ गई तो फिर सीनेट चुनाव का माहौल भी बदल जाएगा। सीनेट चुनाव करवाने से लेकर कई प्रक्रियाएं नई होंगी। हालांकि संकाय डीन के चुनाव तो लगभग नहीं होंगे। इसके लिए वरिष्ठ शिक्षकों का चयन हर साल के लिए किया जाएगा। इसके अलावा कई आंतरिक समितियों में भी सदस्य चुनकर नहीं आएंगे। उन समितियों में वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को जगह मिल सकती है। जानकार मान रहे हैं कि चाहे सीनेट चुनाव अगले माह हों या फिर कुछ माह बाद। इस बार सीनेट में सर्वाधिक शिक्षक पहुंचेंगे।
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