जीरकपुर-शिमला हाईवे को अमरावती एन्क्लेव से जोड़ने वाले अमरावती पुल को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। हाल ही में हुई बारिश के कारण हुए नुकसान के संबंध में सरकार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। पुल का निर्माण कौशल्या नदी पर अमरावती एन्क्लेव के प्रमोटरों ने अपने खर्च पर करवाया था। बारिश के कारण पुल का एक हिस्सा कथित तौर पर क्षतिग्रस्त हो गया था।
हाईकोर्ट ने जून 2020 में अपने आदेश में कहा था कि इस पुल की भार वहन क्षमता और अनुमानित यातायात का आकलन करना और उपचारात्मक उपाय करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। डीएलएफ वैली पंचकूला के निवासी अमित नंदा ने याचिका दाखिल करते हुए इस पुल से जुड़ा मुद्दा उठाया था। पुल का निर्माण अमरावती एन्क्लेव के प्रमोटरों ने अपनी लागत पर घग्गर नदी की सहायक कौशल्या नदी पर किया है।
याचिकाकर्ता ने अमरावती ब्रिज की स्थिति और चौड़ाई के अनुसार केवल यात्री कारों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों को गुजरने की अनुमति देने के लिए वाहन अंडर पास की ऊंचाई 5.5 से घटाकर 3.5 मीटर करने के निर्देश भी मांगे थे। याचिका के अनुसार वाणिज्यिक वाहनों को गुजरने की अनुमति देने के लिए पुल पर्याप्त मजबूत नहीं है।