वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए पंजाब, हरियाणा और यूटी में ट्रिब्यूनल तथा अपीली अथॉरिटी के गठन पर पंजाब -हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है।
मामले में पंजाब, हरियाणा की सरकारों के अलावा यूटी प्रशासन से पूछा गया है कि ट्रिब्यूनल व अपील अथॉरिटी में नियुक्तियों पर अब तक क्या किया गया। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों की स्थिति पर भी जवाब तलब किया गया है।
सेवानिवृत्त आईएएस मंजीत सिंह ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट-2007 को मुकम्मल तरीके से लागू नहीं किया गया। इस एक्ट के तहत प्रावधान है कि प्रत्येक राज्य को अक्षम बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल और अपील ट्रिब्यूनल गठित करना होगा, लेकिन अभी तक ट्रिब्यूनल नहीं बन पाए हैं।
यह भी कहा था कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए ठोस एक्ट बनना चाहिए और जब तक ट्रिब्यूनल या सख्त कानून नहीं बनता, पुराने एक्ट को ही सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
इसी याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव भल्ला और लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने पंजाब, हरियाणा और यूटी को नोटिस जारी करजवाब मांग लिया है कि ट्रिब्यूनल तथा अपीली ट्रिब्यूनल के गठन पर क्या कदम उठाए गए।
साथ ही इन ट्रिब्यूनल व अपील ट्रिब्यूनल में नियुक्तियों पर भी जवाब तलब किया गया है। उपरोक्त एक्ट के तहत सरकारों को वृद्धाश्रम भी बनाने थे, इस पर भी हाईकोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। तीनों को 16 फरवरी तक जवाब देने को कहा गया है।