ट्राईसिटी समेत पंजाब और हरियाणा में हुक्का बारों में निकोटीन के इस्तेमाल पर नजर रखने और उल्लंघन करने पर कारवाई की मांग करते हुए दायर की गई एक जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी के गृह सचिव और एसएसपी को निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।
वीरवार को अदालत में पंजाब और हरियाणा ने कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट पेश कर दी है, जबकि यूटी पाबंदी संबंधी नोटिफिकेशन भी अब तक जारी नहीं कर पाया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निकोटीन के इस्तेमाल पर सख्त नियम बनाने का निर्देश दिया था।
चंडीगढ़ प्रशासन ने जवाब में कहा था कि तरल के रूप में निकोटीन को जहर माना जाएगा और इसी के मुताबिक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने पिछले साल सात जुलाई को नियमों में यह प्रावधान शामिल करने संबंधी नोटिफिकेशन का ड्राफ्ट भी हाईकोर्ट में पेश किया था। तब हाईकोर्ट ने 14 दिन के भीतर नोटिफिकेशन जारी करने का निर्देश दिया था। इस मामले की सुनवाई वीरवार को हुई।