फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Highcourt: ग्रुप सी व डी की नौकरियों में क्यों नहीं दिया जा रहा खेल कोटा का लाभ, यूटी प्रशासन को नोटिस जारी

Fri, 03 Apr 2026 09:38 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शिवदीप सिंह सिद्धू ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने सेवा नियमों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए ग्रुप सी व डी की भर्तियों में पद आरक्षित करने की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार के नियम यूटी प्रशासन ने भी अपनाए हैं और ऐसे में चंडीगढ़ में भी सभी ग्रुप सी व डी की भर्तियों में खेल कोटा का लाभ दिया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार के नियमों को अपनाने के बावजूद चंडीगढ़ में होने वाली ग्रुप सी व डी की भर्तियों में इसका लाभ नहीं देने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


याचिका दाखिल कर शिवदीप सिंह सिद्धू ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने सेवा नियमों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए ग्रुप सी व डी की भर्तियों में पद आरक्षित करने की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार की ओर से की जाने वाली भर्तियों में उत्कृष्ट श्रेणी के खिलाड़ियों को लाभ दिया जाता है। केंद्र सरकार के नियम यूटी प्रशासन ने भी अपनाए हैं और ऐसे में चंडीगढ़ में भी सभी ग्रुप सी व डी की भर्तियों में खेल कोटा का लाभ दिया जाना चाहिए। 

याची ने बताया कि केवल पुलिस विभाग में वह भी केवल एक बार खेल कोटा का लाभ दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य विभाग की भर्तियों में ऐसा नहीं किया जाता। याची ने कहा कि आरक्षण की यह व्यवस्था न होने के चलते खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो रहा है। 
विज्ञापन


याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि चंडीगढ़ में ग्रुप सी व डी में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था को लागू किया जाए। साथ ही कहा कि जब केंद्रीय नियमों को प्रशासन मान रहा है तो उन्हीं नियमों के तहत खिलाड़ी भी आरक्षण के हकदार हैं। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हैरानी जताते हुए पूछा कि आखिर क्यों चंडीगढ़ में इस प्रकार की स्थिति बनी हुई है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को इस मामले पर अब 30 अप्रैल तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें