इसके बाद एक दिन पुलिस उसके पति को उठा कर ले गई और जब याची थाने पहुंची तो एएसआई सतनाम सिंह ने कहा कि याची आरोपी से बात करे। याची ने आरोपी जगराज सिंह से बात की तो उसने 50 हजार रुपये मांगे। 39 हजार कैश व 11 हजार रुपये खाते में भुगतान करने के बाद याची के पति को पुलिस ने छोड़ दिया।
इसके बाद याची ने पूरा मामला अपने पति को बताया तो दोनों पुलिस के पास गए और दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा दिया। 22 जनवरी 2023 को एफआईआर दर्ज की गई लेकिन बाद में आरोपों को झूठा बताते हुए कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। इसे नामंजूर करते हुए जिला अदालत ने दोबारा जांच को कहा। इसके बाद आईजीपी पटियाला रेंज के पास मामला पहुंचा तो पटियाला के एसपी को जांच सौंपी गई।
उन्होंने भी इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट की सिफारिश कर दी। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए याची ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित करने की मांग की थी। इस मामले में पंजाब पुलिस की ओर से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल हुई तो हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में पंजाब के डीजीपी को जांच का अवलोकन और कैंसिलेशन रिपोर्ट पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।