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सार्वजनिक सड़क पर स्टंट असंवेदनशील: हाईकोर्ट ने कहा, ऐसा करने पर हो सकता है गैर इरादतन हत्या का मामला

Tue, 24 Dec 2024 03:51 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक बाइक सवार युवक की मौत एक मॉडिफाइड ट्रैक्टर से हुए हादसे में हो गई थी। आरोपी लखबीर सिंह (ट्रैक्टर चालक) ने अपने ट्रैक्टर में अतिरिक्त टर्बो पंप लगाकर उसकी गति बढ़ाई थी। स्टंट करते समय ट्रैक्टर के अगले हिस्से को हवा में उठाया गया तो आगे का हिस्सा बाइक सवार पर गिर गया था।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सड़क पर स्टंट करने को एक लापरवाह और असंवेदनशील रवैया बताया है। कोर्ट ने इसे महज लापरवाही और तेजी से गाड़ी चलाने का मामला नहीं माना, बल्कि इसे प्रथम दृष्टया गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में रखा। 
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हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस मामले में आई, जिसमें एक बाइक सवार युवक की मौत एक मॉडिफाइड ट्रैक्टर से हुए हादसे में हो गई थी। घटना में आरोप है कि आरोपी लखबीर सिंह (ट्रैक्टर चालक) ने अपने ट्रैक्टर में अतिरिक्त टर्बो पंप लगाकर उसकी गति बढ़ाई थी। मृतक गुरजंट सिंह अपने दोस्त के साथ बाइक पर स्टंट कर रहा था। इसी दौरान आरोपी ने ट्रैक्टर के अगले हिस्से को हवा में उठाकर स्टंट किया, जिससे ट्रैक्टर का आगे का हिस्सा बाइक सवार पर गिर गया।

हादसे के बाद गुरजंत सिंह को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। लखबीर सिंह ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा सार्वजनिक सड़क पर स्टंट करना और वह भी बिना ट्रैफिक अधिकारियों की जानकारी के, सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यदि ऐसे स्टंट के कारण किसी की मौत होती है, तो यह गैर इरादतन हत्या के तहत आता है। 
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कोर्ट ने मामले में एक वीडियो क्लिप का जिक्र करते हुए कहा कि वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी तेज गति से सार्वजनिक सड़क पर स्टंट कर रहा था। अगर ऐसे मामलों में नरमी बरती गई तो पहले से असुरक्षित सड़कें और खतरनाक बन जाएंगी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है और इस मामले में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है। अपराध के प्रभाव को देखते हुए, अग्रिम जमानत का आधार नहीं बनता।
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