बेअदबी मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को प्रोडक्शन वारंट पर पंजाब लाने की पंजाब सरकार की कोई भी दलील काम नहीं आई। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब में चुनाव सिर पर हैं, पिछले दिनों जो घटनाएं हुई है, उन्हें देखते हुए डेरामुखी राम रहीम को पंजाब लाना सही नहीं होगा।
फरीदकोट की अदालत द्वारा जारी प्रोडक्शन वारंट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि 2017 में राम रहीम को जब दोषी करार दिया गया था तो पंचकूला में भारी हिंसा हुई थी। इस दौरान सुरक्षा पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे। हिंसा में सैकड़ों करोड़ की सरकारी व गैर सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था।
पंजाब सरकार ने दलील दी कि राम रहीम को हेलीकॉप्टर से लाने की व्यवस्था की जाएगी तो हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और हाल ही में हुई घटनाओं के चलते डेरामुखी का पंजाब लाना सही नहीं है। इसके साथ ही राम रहीम को लाने में पंजाब सरकार को भारी खर्च करना होगा जो सही नहीं है क्योंकि पंजाब इस समय वित्तीय संकट से जूझ रहा है। इसके साथ ही पुलिस पर भी हाल ही की घटनाओं के चलते काफी दबाव है। हाईकोर्ट ने एसआईटी को इस दौरान सुनारिया जेल में जाकर पूछताछ करने का आदेश देते हुए सुनवाई 21 अप्रैल तक टाल दी।
फरीदकोट की ट्रायल कोर्ट ने बनाया था आरोपी
बेअदबी मामले में फरीदकोट की ट्रायल कोर्ट ने डेरामुखी को आरोपी बनाया था और उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। प्रोडक्शन वारंट के आदेश को डेरामुखी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 28 अक्तूबर को डेरामुखी का प्रोडक्शन वारंट रद्द करते हुए एसआईटी को सुनारिया जेल में जाकर डेरामुखी से पूछताछ करने की अनुमति दी थी।