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Chandigarh: लापरवाही के आरोप में डॉक्टरों के खिलाफ बिना जांच दर्ज हो रही FIR, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Sat, 25 Nov 2023 12:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में डॉक्टरों को बेवजह कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनाने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश दिया था। मेडिकल लापरवाही के मामले में डॉक्टरों को बचाने के लिए पहले आरोपों की प्राथमिक जांच और फिर सिविल सर्जन की अगुवाई वाली कमेटी की जांच के बाद ही आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप की स्थिति में पुलिस द्वारा बिना प्राथमिक जांच एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का एफआईआर के समय पालन न करने का आरोप लगाया है।

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डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हरियाणा और पंजाब में हालात बदतर होने को लेकर चंडीगढ़ की स्वयंसेवी संस्था मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 

याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में डॉक्टरों को बेवजह कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनाने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश दिया था। मेडिकल लापरवाही के मामले में डॉक्टरों को बचाने के लिए पहले आरोपों की प्राथमिक जांच और फिर सिविल सर्जन की अगुवाई वाली कमेटी की जांच के बाद ही आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान किया गया था।
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इसके बावजूद पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में दिशा निर्देश की अनदेखी करते हुए डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में निर्देश को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए जाने की अपील की गई थी। पिछली सुनवाई पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) का जवाब न आने पर हाईकोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई थी। इसी बीच केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में केंद्र क्यों चुप बैठा है? एमसीआई भी तो केंद्र के अधीन आता है। कोर्ट ने अब केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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