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गुजारा भत्ता खारिज: 16 लाख का समझौता छिपाने पर पत्नी को हाईकोर्ट की फटकार, फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द

Wed, 01 Apr 2026 11:01 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गुरमीत कौर को फैमिली कोर्ट ने प्रति माह 5,000 रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंबाला की फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी पूर्व पत्नी को 5,000 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने पाया कि यह आदेश स्थापित कानूनी सिद्धांतों के विपरीत था।
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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता महिला ने पूर्व में हुए समझौते और 16 लाख रुपये की प्राप्ति का तथ्य छिपाया। कोर्ट के अनुसार, यह राशि पहले दायर एक सिविल मामले में गुजारा भत्ता के रूप में दी जा चुकी थी। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच तलाक हो चुका था और इसके बावजूद महिला ने मासिक भत्ता की मांग की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने वाला पक्ष अदालत से राहत पाने का हकदार नहीं हो सकता।

अदालत ने अंबाला फैमिली कोर्ट के आदेश को त्रुटिपूर्ण बताते हुए रद्द कर दिया और कहा कि यह स्थापित कानून के विपरीत था, इसलिए इसे बरकरार नहीं रखा जा सकता। मामले में गुरमीत कौर को फैमिली कोर्ट ने प्रति माह 5,000 रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी। सुनवाई में सामने आया कि महिला को पहले ही 16 लाख रुपये की एकमुश्त राशि मिल चुकी थी और दोनों के बीच समझौते के आधार पर तलाक हो चुका था। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में दोहराया कि न्यायालय के समक्ष तथ्यों को छिपाना गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती।
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