हाईकोर्ट ने कहा कि 26 फरवरी के हलफनामे में सरकार ने प्रीतपाल के खनौरी बॉर्डर पर घायल अवस्था में मिलने की बात कही थी। अब यू टर्न लेकर हिंसा के लिए भड़काने वाला बता रही है। 26 फरवरी को जिस पर अंगुली तक नहीं उठाई थी, उसे इस प्रकार हिंसा का जिम्मेदार बताया जा रहा है। यह यू टर्न समक्ष से परे है। ऐसे में हम इस याचिका को यहां पर समाप्त नहीं कर सकते।
यह दिया प्रीतपाल ने बयान
प्रीतपाल ने शुक्रवार को बयान में कहा कि हरियाणा पुलिस उसे संगरूर से जबरन उठा कर ले गई और बेदर्दी से उसकी पिटाई की। उसे बेहद गंभीर चोटें आईं। इसके चलते उसे पहले अस्पताल भेजा गया और बाद में हालात गंभीर होने पर पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
यह था मामला
संगरूर निवासी दविंदर सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन से हरियाणा पुलिस उसके बेटे प्रीतपाल का अपहरण कर अपने साथ ले गई। उसे अमानवीय तरीके से पीटा गया और उसकी हालत गंभीर है। पुलिस ने उसे अवैध हिरासत में लिया है और लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। हाईकोर्ट से अपील की गई थी कि उसे हरियाणा पुलिस से छुड़ा कर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भर्ती कराया जाए।