बेअदबी मामले में सिंगल बेंच द्वारा सीबीआई से जांच कराने से इनकार के बाद अब पंजाब सरकार को खंडपीठ से भी बड़ी जीत हासिल हुई है। अधिकारियों द्वारा सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल याचिका को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी खारिज कर दिया है। सिंगल बेंच ने गत वर्ष इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर पंजाब सरकार की एसआईटी को ही जांच आगे बढ़ाने का आदेश दिया था।
चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने पंजाब सरकार की उस दलील को सही माना है जिसके तहत पंजाब सरकार ने कहा था कि आपराधिक मामले में सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील दायर ही नहीं की जा सकती है। इस फैसले को सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में ही चुनौती दी जा सकती है।
ऐसे में पंजाब सरकार ने आरोपी पुलिस अधिकारियों की इस अपील को नॉन-मेंटेनेबल करार दे खारिज किए जाने की हाईकोर्ट की डबल बेंच से मांग की थी। चीफ जस्टिस पर आधारित डबल बेंच ने सरकार की इस दलील को स्वीकार करते हुए आरोपी पुलिस अधिकारियों की इस अपील को नॉन-मेंटेनेबल करार दे खारिज कर दिया है। अब आरोपी पुलिस अधिकारियों के सिर्फ पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बचा हुआ है।
सिंगल बेंच ने यह सुनाया था फैसला
श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की सिफारिशों के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं जस्टिस राजन गुप्ता की सिंगल बेंच ने गत वर्ष 25 जनवरी को खारिज करते हुए मामलों की जांच कर रही एसआईटी को ही आगे कार्रवाई के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने एसआईटी को राजनीतिक, बाहरी और भीतरी दबाव के बिना जांच जल्द से जल्द पूरी करने के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट ने एसआईटी को इस पूरे मामले की जांच में अपनी सभी जांच क्षमताओं, फोरेंसिक मेथड्स और वैज्ञानिक साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे।