अवैध शराब की तस्करी मामले की जांच में ढिलाई का आरोप लगाते हुए सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस की कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट तलब कर ली है। ‘सबका मंगल हो’ संस्था की एंटी करप्शन डिविजन ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से याचिका दाखिल कर मामले को अंतर्राज्यीय बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट को बताया गया कि गृहमंत्री अनिल विज ने इस मामले की विजिलेंस जांच की बात कही थी, जबकि उपमुख्यमंत्री ने तो ऐसे किसी घोटाले से ही मना कर दिया था। याचिकाकर्ता संस्था ने कहा कि इस मामले में एसईटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। इसके कारण अवैध शराब की तस्करी में शामिल असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ा है।
हाल ही में पानीपत और सोनीपत में अवैध शराब से 30 लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को भी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।