गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल ये गैंग और संगठित अपराधी आम नागरिकों और कानून व्यवस्था के लिए बेहद ही घातक है। ऐसे में दोनों राज्यों को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर गैंगस्टरों से सख्ती से निपटने के लिए एक कड़ा कानून बनाना होगा। हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को छह माह में ऐसा कानून बनाए जाने के आदेश भी दे दिए हैं।
यह है यूपी में व्यवस्था
यूपी में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स एंड एंटी-सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट 1986 लागू किया गया है। इसके तहत कई प्रावधान व विशेषाधिकार हैं। इसे गैंगस्टर्स और संगठित अपराध में लिप्त अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत कम से कम दो वर्ष और अधिक से अधिक आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। इस कानून के तहत गवाहों की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान है और ऐसे अपराधियों पर अलग से अदालत गठित कर उनके खिलाफ सुनवाई की जाती है।