कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए मनी लांड्रिंग मामले में जनवरी 2022 में मिली जमानत के साथ लगाई गई शर्तों में संशोधन करने की मांग की है। तब हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए पासपोर्ट जमा करवाने और कोर्ट की इजाजत लेकर ही विदेश जाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
खैरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला दर्ज होने के बाद ईडी ने भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जांच आरंभ कर दी थी। खैरा ने बताया की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एनडीपीएस मामले में राहत देते हुए इसे रद्द करने का आदेश दिया है। वहीं ईडी ने इस मामले के तहत जो एफआईआर दर्ज की है, उसको रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में उन्हें जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने जो शर्तें लगाई थी, उन्हें हटाया जाए या उनमें बदलाव किया जाए।
हाईकोर्ट ने खैरा की याचिका पर ईडी को 27 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। 2015 में एनडीपीएस के तहत दर्ज मामले में मनी लांड्रिंग के तहत ईडी ने केस दर्ज किया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 में खैरा को सशर्त जमानत दी थी।