किसी राज्य ने नहीं लिया जेबीटी कोर्स बंद करने का निर्णय : एनसीटीई
-भविष्य के लिए भर्तियों में जेबीटी पास करने वालों को माना जाएगा पात्र
-निजी कॉलेजों को मान्यता वापिस लेने का नोटिस एनसीटीई ने ले लिया है वापस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया कि देश भर में केवल हरियाणा ने डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) या जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) कोर्स को बंद करने का निर्णय लिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि राज्य ने यह निर्णय अपने विवेक से लिया है और जेबीटी पास करने वालों को भविष्य की शिक्षक भर्तियों के लिए पात्र माना जाएगा। हरियाणा सेल्फ फाइनेंस प्राइवेट काॅलेज एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार के जेबीटी कोर्स बंद करने के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने एनसीटीई से पूछा था कि जेबीटी को बंद करने की प्रक्रिया कैसे आरंभ होगी और क्या हरियाणा के अतिरिक्त देश का अन्य कोई राज्य इसे बंद करने जा रहा है। एनसीटीई ने हलफनामे में बताया कि सरकार ने सात नवंबर 2022 को राज्य में जेबीटी कोर्स बंद करने का फैसला लिया था। एनसीटीई ने 395 वीं बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया और राज्य के संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उनकी जेबीटी कोर्स के लिए मान्यता वापस ले ली जाए। इसके बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया था और एनसीटीई ने कारण बताओ नोटिस को स्थगित कर दिया। इसके आगे एनसीटीई ने अपने विस्तृत हलफनामे में कहा है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को मंजूरी दे दी है। इस नीति में शिक्षा व शिक्षकों को लेकर नीतिगत बदलाव किए गए है। इसके अनुसार शिक्षक बनने के लिए चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम न्यूनतम योग्यता होगी। यह इस बात पर आधारित है कि स्कूली शिक्षा सभी स्तरों पर छात्रों को प्रेरित करे और योग्य व पेशेवर शिक्षक छात्रों को पढ़ाएं।
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद