महिला को जीप की छत पर बैठाने के मामले पर पंजाब-हरियाणा कोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि याची के घर छापामारी के दौरान आखिर क्यों महिला पुलिस मौजूद नहीं थी? जबकि पुलिस को पता था कि घर में महिलाएं हैं। साथ ही कोर्ट ने अब डीएसपी को हाजिर होकर मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।
बता दें कि 25 सितंबर की दोपहर अमृतसर के मजीठिया में एक महिला को पुलिसवालों ने बोलेरो की छत पर बैठाकर घुमाया था। इस मामले में ससुर बलवंत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच के लिए आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
बलवंत ने हाईकोर्ट को बताया कि पुलिस जबरन उनके घर में घुस आई और उनकी पुत्रवधू जसविंदर कौर को साथ चलने को कहा। पुलिस ने बहू को बोलेरो की छत पर बैठाया और फिर गाड़ी पूरे गांव में घुमाई। बाद में चलती जीप से गिर जाने के कारण जसविंदर को गंभीर चोटें आईं। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था।
कैसे पुलिस ने महिला को गाड़ी की छत पर बैठाया
जस्टिस दया चौधरी ने कहा कि यह मामला अखबारों में छाया हुआ है। कैसे पुलिस किसी महिला को गाड़ी की छत पर बैठाकर इस तरह की हरकत कर सकती है। कोर्ट ने पूछा कि आखिर क्यों छापेमारी के दौरान महिला पुलिस अधिकारी को साथ नहीं रखा गया। कोर्ट ने पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी करने के साथ ही डीएसपी लखविंदर सिंह को अगली सुनवाई पर उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है।