जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट की भर्ती में घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
केंद्र के अलावा हाईकोर्ट ने नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त सहित अन्य प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि जो 2024 की भर्ती है वह इस याचिका के फैसले पर निर्भर होगी।
याचिका दाखिल करते हुए फतेहगढ़ साहिब निवासी जगरूप सिंह व अन्य ने एडवोकेट जगनदीप सिंह के माध्यम से बताया कि समिति ने जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट के 622 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद 621 लोगों को शॉर्ट लिस्ट किया गया, लेकिन चयन केवल 479 लोगों का किया गया। कम पदों पर नियुक्ति का कारण रिक्त पदों का न होना बताया गया और कहा गया कि वेटिंग लिस्ट वालों को पद रिक्त होने पर नियुक्ति दी जाएगी।
याची ने बताया कि उनके पास ऐसे 6 लोगों के नाम हैं जिन्हें नियुक्ति दी गई है, लेकिन न तो उनका नाम चयन सूची में था और न ही प्रतीक्षा सूची में। इसके साथ ही यह भी बताया कि एक ओर तो रिक्त पद न होने की बात कहते हुए 142 लोगों के नाम प्रतीक्षा सूची में डाल दिए गए वहीं दूसरी ओर मार्च 2024 में फिर से 360 पदों के लिए आवेदन मांग लिए गए। यदि पद रिक्त थे तो उन्हें प्रतीक्षा सूची से भरा जाना चाहिए था।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि इस मामले में हुए घोटाले की जांच करने का केंद्र सरकार को आदेश दिया जाए। साथ ही जिन्हें नियुक्ति दी गई है उनकी सूची सौंपी जाए ताकि पता लगाया जा सके कि कितने लोगों को बैकडोर एंट्री दी गई है।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका पर केंद्र सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वेटिंग लिस्ट को नजरअंदाज कर 2024 में चल रही भर्ती में हुई नियुक्तियां इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगी।