पंजाब में बठिंडा, मोगा, मुक्तसर, फिरोजपुर, मानसा व होशियार में मौजूद फार्म हाउस में कुत्तों की लड़ाई करवाई जाती है, वहीं हरियाणा के हिसार, सिरसा, झज्जर और गुरुग्राम में यह आम है।
पंजाब और हरियाणा में मनोरंजन व सट्टे के लिए लाखों के दांव लगाकर कुत्तों के बीच लड़ाई की प्रतियोगिताओं के आयोजन को उन पर क्रूरता बताते हुए इसे रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर हर हालत में दोनों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए बंगलूरू निवासी भारती रामचंद्रन ने एडवोकेट हरीश महला के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि जानवरों पर क्रूरता रोकने के लिए राज्यों में एनिमल वेलफेयर बोर्ड हैं। इन बोर्ड के सही प्रकार से कार्य न करने के कारण जानवरों पर क्रूरता नहीं रुक रही है। हरियाणा व पंजाब में बड़े स्तर पर कुत्तों की लड़ाई वाली प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। इन लड़ाइयों की समाप्ति अक्सर किसी एक की मौत के साथ होती है। इसके अतिरिक्त अक्सर इन लड़ाइयों में कुत्ते बुरी तरह से घायल हो जाते हैं, उनकी हड्डियां टूट जाती हैं।
याची ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं पर लाखों के दांव लगते हैं और इस प्रकार अपने मनोरंजन के लिए इन बेजुबानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद इस मामले में जवाब दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।